‘जानकी पौड़ी’ निर्माण की मांग, बराजों का हो रहा स्ट्रक्चरल ऑडिट, सरकारी दफ्तरों में निजी वाहनों पर जांच का आश्वासन
बिहार विधान परिषद में गुरुवार को सिमरिया धाम के विकास, राज्य के प्रमुख बराजों की स्थिति और सरकारी दफ्तरों में निजी वाहनों के उपयोग जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
एमएलसी सर्वेश कुमार ने बेगूसराय स्थित सिमरिया धाम के विकास का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यहां अतिथि आवास, वॉच टावर और शौचालय जैसी सुविधाएं तो विकसित की गई हैं, लेकिन गंगा का जलस्तर छह महीने तक घाटों से दूर चला जाता है। खासकर गर्मी के दिनों में श्रद्धालुओं को काफी दूर तक जाना पड़ता है। उन्होंने हरिद्वार की ‘हर की पौड़ी’ की तर्ज पर सिमरिया में एक से दो किलोमीटर लंबी ‘जानकी पौड़ी’ बनाने की मांग की, ताकि पूरे साल गंगा जल उपलब्ध रह सके।
इस पर जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि हर की पौड़ी गंगा की मुख्य धारा नहीं, बल्कि उससे निकली नहर है, जबकि सिमरिया घाट सीधे गंगा की मुख्य धारा पर स्थित है, जहां धारा का प्रवाह बदलता रहता है। ऐसे में हरिद्वार जैसा मॉडल यहां व्यावहारिक नहीं है। हालांकि उन्होंने प्रस्ताव लिखित रूप में मिलने पर इस पर विचार करने की बात कही।
वहीं एमएलसी महेश्वर सिंह ने कोसी के वीरपुर, गंडक के वाल्मीकिनगर और सोन नदी के बराजों की स्थिति को लेकर सवाल उठाया। मंत्री विजय चौधरी ने बताया कि इन पुराने बराजों के स्ट्रक्चर का ऑडिट पुणे की एक संस्था से कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष रिकॉर्ड जलप्रवाह के बावजूद बराजों ने प्रभावी ढंग से काम किया, फिर भी सभी पुर्जों की गहन जांच कराई जा रही है।
इसी बीच राजद एमएलसी सौरभ कुमार ने सरकारी दफ्तरों में निजी वाहनों के उपयोग का मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री श्रवण कुमार ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया।
@MUSKAN KUMARI







