चुनावी जीत के बाद सलाहकार ने भारत में बढ़ते कट्टरपंथ पर जताई चिंता, क्षेत्रीय राजनीति में नई बहस शुरू
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की चुनावी जीत के बाद दक्षिण एशियाई राजनीति में नई हलचल देखने को मिल रही है। इसी बीच हुमायूं कबीर — जो तारिक रहमान के सलाहकार हैं — ने भारत को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी है।
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में कट्टरपंथी ताकतों को जनता ने नकार दिया, लेकिन भारत में “धार्मिक कट्टरता और अतिवाद” बढ़ता दिखाई दे रहा है। इस बयान को उन्होंने दक्षिण एशिया में बढ़ते उग्रवाद और वैचारिक ध्रुवीकरण के व्यापक संदर्भ में रखा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब बांग्लादेश में हुए आम चुनावों में जमात-ए-इस्लामी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली और BNP ने बड़ी जीत दर्ज की है। चुनावों को सत्ता परिवर्तन और राजनीतिक पुनर्गठन के रूप में देखा जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि सलाहकार का बयान केवल घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं, बल्कि भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर वैचारिक संकेत भी देता है। हालांकि दूसरी ओर, दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व ने सहयोग और रिश्ते मजबूत करने की बात भी कही है।
क्यों कहा गया ऐसा?
•चुनावी जीत के बाद क्षेत्रीय राजनीति पर संदेश देना
•दक्षिण एशिया में बढ़ते धार्मिक ध्रुवीकरण पर चिंता जताना
•भारत-बांग्लादेश संबंधों में वैचारिक दूरी दिखाना
•घरेलू और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई स्थिति स्पष्ट करना
@MUSKAN KUMARI





