संसद के बजट सत्र 2026-27 की शुरुआत बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण के साथ हुई। लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने सरकार की उपलब्धियों, प्राथमिकताओं और भविष्य की दिशा को स्पष्ट किया। विपक्ष के हंगामे के बीच दिए गए इस संबोधन में सामाजिक न्याय, अर्थव्यवस्था, अंतरिक्ष, पूर्वी भारत के विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया।
राष्ट्रपति ने बताया कि बजट सत्र दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक प्रस्तावित है, जिसमें बजट पर विस्तृत चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा और 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट प्रस्तुत करेंगी। पूरे सत्र के दौरान कुल 30 बैठकें होंगी।
सामाजिक न्याय पर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि आज देश के लगभग 95 करोड़ नागरिक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। बीते 10 वर्षों में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के तीसरे कार्यकाल में गरीबों, महिलाओं और पिछड़े वर्गों को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और भ्रष्टाचार पर सख्ती से लगाम लगाई गई है।
अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक यात्रा ऐतिहासिक है। भारत अपने स्वयं के स्पेस स्टेशन और गगनयान मिशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
पूर्वी भारत के विकास पर जोर देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि बुनियादी ढांचे, उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। अर्थव्यवस्था और सुधारों पर बोलते हुए उन्होंने 150 वंदे भारत ट्रेनों, यूरोपीय संघ के साथ संभावित मुक्त व्यापार समझौते और ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के जरिए देश को आगे ले जाने की बात कही।
@MUSKAN KUMARI







