पिपरहवा से प्राप्त पवित्र बौद्ध अवशेषों की प्रदर्शनी को बताया भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का गौरवशाली प्रतीक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजधानी दिल्ली में पिपरहवा से प्राप्त पवित्र बौद्ध अवशेषों की एक विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर को भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और बौद्ध परंपरा के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान बुद्ध का संदेश केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी मानवता के लिए शांति, करुणा और सह-अस्तित्व का मार्ग प्रशस्त करता है।
पिपरहवा बौद्ध अवशेषों को भगवान बुद्ध से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ माना जाता है और बौद्ध धर्म में इनका अत्यंत धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व है। प्रदर्शनी के माध्यम से इन दुर्लभ अवशेषों को आम जनता के दर्शन के लिए प्रस्तुत किया गया है, जिससे लोगों को भारत की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा को निकट से जानने का अवसर मिलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत सदियों से “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को अपनाता आया है और बौद्ध विरासत इसी विचारधारा की मजबूत नींव है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां न केवल सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करती हैं, बल्कि भारत की वैश्विक पहचान और सॉफ्ट पावर को भी मजबूती देती हैं।
यह प्रदर्शनी देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं, इतिहासकारों और शोधकर्ताओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी और आने वाली पीढ़ियों को भारत की विरासत से जोड़ने का कार्य करेगी।
@MUSKAN KUMARI







