कोहिमा/नई दिल्ली:
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने गुरुवार को नगालैंड सरकार और ईस्टर्न नगालैंड पीपल्स ऑर्गनाइजेशन (ENPO) के साथ राज्य के भीतर फ्रंटियर नगालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी (FNTA) के गठन को लेकर एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुआ। इस मौके पर अमित शाह ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार पूर्वी नगालैंड के विकास के लिए पूरा सहयोग देगी और अपनी सभी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेगी।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एक-दो बिंदुओं को छोड़कर बाकी सभी मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। उन्होंने बताया कि यह समझौता पूर्वी नगालैंड के केंद्रित विकास और बेहतर शासन व्यवस्था के उद्देश्य से किया गया है। एफएनटीए के दायरे में राज्य के छह पूर्वी जिले—किपहिरे, लोंगलेन्ग, मोन, नोकलक, शमाटोर और तुएनसांग शामिल होंगे।
अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2019 से अब तक पूर्वोत्तर क्षेत्र में 12 महत्वपूर्ण समझौते किए जा चुके हैं, जिनका उद्देश्य शांति, विकास और समावेशी शासन को बढ़ावा देना है। उन्होंने ENPO के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि FNTA के प्रारंभिक खर्च को केंद्रीय गृह मंत्रालय वहन करेगा और पूर्वी नगालैंड के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने इस समझौते को आपसी विश्वास का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह पूर्वी नगालैंड के साथ-साथ पूरे राज्य की आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि इस पहल से विकास को घर-घर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
गौरतलब है कि ENPO, जो राज्य के छह पूर्वी जिलों में फैली आठ जनजातियों का प्रतिनिधित्व करता है, वर्ष 2010 से अलग राज्य की मांग करता रहा है। बाद में संगठन ने केंद्र सरकार के उस प्रस्ताव को स्वीकार किया, जिसमें FNTA ढांचे के तहत सीमित स्वायत्तता देने की बात कही गई थी।
@MUSKAN KUMARI







