दो वीडियो क्रिएटर्स समेत चार गिरफ्तार, नकली रायफल–पिस्टल और बिना नंबर की स्कॉर्पियो जब्त
डेहरी (रोहतास)। Asian Times Bureau
बिहार के रोहतास जिले में रील बनाने के जुनून में कानून की मर्यादा लांघने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस की वर्दी पहनकर और फर्जी हथियारों के साथ वीडियो बनाना चार युवकों को भारी पड़ गया। डेहरी के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो वीडियो क्रिएटर्स समेत चार युवकों को गिरफ्तार किया है, जो खुद को पुलिसकर्मी बताकर सड़क पर रौब झाड़ रहे थे।
गिरफ्तार युवकों की पहचान रोहतास जिले के शत्रुघ्न कुमार, राहुल कुमार, शशि कुमार और औरंगाबाद निवासी प्रिंस कुमार के रूप में हुई है।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि डेहरी के पावर ग्रिड इलाके के पास कुछ युवक पुलिस की वर्दी पहनकर एक बिना नंबर प्लेट की स्कॉर्पियो के साथ संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त हैं। सूचना के आधार पर जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो देखा गया कि युवक पुलिसकर्मी की तरह लोगों को रोक रहे थे और उसी दौरान वीडियो शूट कर रहे थे।
पुलिस को देखते ही युवकों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन घेराबंदी कर सभी को मौके से हिरासत में ले लिया गया।
तलाशी में भारी मात्रा में फर्जी साजो-सामान बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस ने रील शूटिंग में इस्तेमाल किए जा रहे कई आपत्तिजनक और भ्रामक सामान बरामद किए। इनमें शामिल हैं—
4 फीट लंबी दो लकड़ी की नकली रायफलें
पांच प्लास्टिक पिस्टल
एक फाइबर पिस्टल
पुलिस की वर्दी
बिहार पुलिस का असली लोगो
पी-कैप और फाइबर स्टिक
बिना नंबर प्लेट की स्कॉर्पियो वाहन
पुलिस ने सभी सामानों के साथ वाहन को भी जब्त कर लिया है।
स्वांग’ रचकर फैला रहे थे भ्रम: ASP
मामले की गंभीरता पर डेहरी के एएसपी अतूलेश झा ने बताया कि आरोपी युवक पुलिस का स्वांग रचकर आम लोगों को भ्रमित कर रहे थे।
उन्होंने कहा “हथियार भले ही लकड़ी और प्लास्टिक के थे, लेकिन पुलिस की वर्दी और उस पर लगा बिहार पुलिस का लोगो पूरी तरह असली था। यह कानूनन गंभीर अपराध है।”
एएसपी ने यह भी बताया कि पूछताछ में युवकों ने स्वीकार किया है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि और व्यूज़ पाने के लिए इस तरह के वीडियो बनाते थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि आम लोगों में डर और भ्रम पैदा कर सकती हैं। मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Author: Noida Desk
मुख्य संपादक (Editor in Chief)







