पटना। नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में स्कूलों के लिए बेंच-डेस्क खरीद में कथित गड़बड़ी का मामला मंगलवार को बिहार विधानसभा में जोरदार तरीके से उठा। अस्थावां से विधायक जितेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि जांच में दोषी पाए गए जिला शिक्षा पदाधिकारी को कार्रवाई के बजाय पदोन्नति देकर क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (RDDE) के पद पर पटना में तैनात कर दिया गया।
विधायक ने शिक्षा विभाग में खरीद से जुड़े मामलों में करोड़ों रुपये के गबन का भी आरोप लगाया। इस पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि पूरे मामले की समीक्षा कर मुख्यालय स्तर पर जांच कराई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
45 हजार परिचारी नियुक्ति की घोषणा
शिक्षा मंत्री ने सदन में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग में 45 हजार परिचारी की नियुक्ति की जाएगी। यह जानकारी उन्होंने देवेश कांत सिंह के सवाल के जवाब में दी।
शिक्षकों को एक समान HRA देने की तैयारी
लेफ्ट विधायक अजय कुमार ने एक ही विद्यालय में नियोजित, विशिष्ट और बीपीएससी शिक्षकों को अलग-अलग HRA मिलने का मुद्दा उठाया। इस पर शिक्षा मंत्री ने बताया कि 90 प्रतिशत विसंगतियां दूर कर ली गई हैं और जल्द ही सभी को समान HRA देने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर सवाल
सहरसा से विधायक आईपी गुप्ता ने स्कूलों में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि बच्चों को गर्म और गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं मिल रहा। उन्होंने क्लस्टर किचन से भोजन आपूर्ति पर भी आपत्ति जताई।
मंत्री सुनील कुमार ने जवाब में कहा कि भोजन की गुणवत्ता के लिए थर्ड पार्टी मूल्यांकन हेतु एनजीओ को जिम्मेदारी दी गई है। रसोइयों का मानदेय दोगुना किया गया है, लेकिन संख्या कम होने के कारण फिलहाल एनजीओ की मदद ली जा रही है।
@MUSKAN KUMARI





