Narendra Modi ने 2023 में पेश किए गए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को 21वीं सदी का एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इस कानून को सभी राजनीतिक दलों ने सर्वसम्मति से पारित किया, जो महिला सशक्तिकरण के प्रति देश की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक ढांचे में महिलाओं को आरक्षण देने की आवश्यकता दशकों से महसूस की जा रही थी और यह अधिनियम उसी लंबे इंतजार का परिणाम है। उन्होंने यह भी बताया कि विपक्ष ने भी 2029 तक इसे लागू करने पर विशेष जोर दिया है।
नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि वह यहां किसी को उपदेश देने नहीं, बल्कि देश की महिलाओं का आशीर्वाद लेने आए हैं। उन्होंने ‘नारी शक्ति’ को देश के विकास का मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि पंचायती राज संस्थाएं महिलाओं के नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि इस कानून के लागू होने से सामाजिक न्याय केवल एक नारा नहीं रहेगा, बल्कि शासन और निर्णय प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा बन जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं के अमूल्य योगदान को सम्मान देने और उन्हें समान अवसर प्रदान करने की दिशा में बड़ा कदम है।
पीएम मोदी ने यह भी रेखांकित किया कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से निर्णय प्रक्रिया में संवेदनशीलता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है। उन्होंने कहा कि इस संशोधन विधेयक को संवाद, सहयोग और भागीदारी के माध्यम से पारित कराना सरकार की प्राथमिकता रही है।
@MUSKAN KUMARI







