डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद अपनी टैरिफ नीति से पीछे हटने से इनकार कर दिया है। कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति के टैरिफ को अवैध ठहराए जाने के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट किया कि भारत के साथ व्यापार समझौते पर इस फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा।
ट्रंप का 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ 24 फरवरी से लागू होगा और फिलहाल 150 दिनों तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद इसे लेकर प्रस्ताव अमेरिकी संसद में लाया जाएगा, जहां आगे की अवधि पर निर्णय होगा।
भारत पर कितना लगेगा टैरिफ?
सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल टैरिफ के बाद भारत पर 10 प्रतिशत शुल्क लागू होगा। इससे पहले भारत पर 18 प्रतिशत टैरिफ प्रस्तावित था। इसी तरह यूरोपीय संघ और जापान पर 15 प्रतिशत तथा ब्रिटेन पर 10 प्रतिशत टैरिफ था, जो अब घटकर सभी के लिए समान 10 प्रतिशत हो जाएगा।
भारत के साथ समझौते पर ट्रंप का रुख
ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ घोषित अंतरिम व्यापार समझौते में “कुछ भी नहीं बदलेगा।” उन्होंने कहा कि भारत टैरिफ देगा और अमेरिका नहीं देगा, जो पहले की व्यवस्था से उलट है। ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने संबंधों को “बहुत अच्छे” बताया। हाल ही में अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ हटाकर नए ढांचे में इसे 18 प्रतिशत करने की बात कही थी।
युद्ध रोकने और रूस तेल पर दावे
प्रेस वार्ता में ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने टैरिफ की धमकी देकर भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित संघर्ष रुकवाया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके अनुरोध पर भारत ने रूस से तेल खरीद में कमी की, हालांकि इन दावों पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला और नई कार्यवाही
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से कहा कि राष्ट्रपति ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर टैरिफ लगाए। फैसले पर नाराजगी जताते हुए ट्रंप ने इसे निराशाजनक बताया और कुछ जजों की आलोचना की। इसके तुरंत बाद उन्होंने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर 150 दिनों के लिए 10 प्रतिशत अस्थायी आयात शुल्क लागू कर दिया।
@MUSKAN KUMARI







