जम्मू संभाग में घुसपैठ की साजिश नाकाम करने की तैयारी, आईबी पर हाई अलर्ट

पाकिस्तान की ओर से जम्मू संभाग में आतंकी घुसपैठ की नई साजिश के इनपुट के बाद भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, प्रतिबंधित आतंकी संगठन Jaish-e-Mohammed के दो गुटों को हीरानगर सेक्टर के रास्ते भारतीय सीमा में दाखिल कराने की कोशिश की जा रही है।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि किश्तवाड़, कठुआ और उधमपुर में हाल के अभियानों में आतंकियों के सफाए के बाद पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और जम्मू-कश्मीर में फिर से आतंकी गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा, सघन तलाशी अभियान

इनपुट मिलते ही बीएसएफ, सेना और अन्य अर्धसैनिक बलों ने सीमा पर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार कर लिया है। सीमावर्ती इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

हीरानगर और सांबा सेक्टर संवेदनशील

Hiranagar और Samba सेक्टर घुसपैठ के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं। पिछले वर्षों में इन इलाकों से कई आतंकी दलों की घुसपैठ की पुष्टि हुई है। अप्रैल 2025 में कठुआ के सनियाल और जखोल के अंबे नाल में मुठभेड़ हुई थी, जबकि 2024 में सैडा सोहल में दो आतंकियों को ढेर किया गया था।

कठुआ में संदिग्ध दिखे, पठानकोट सीमा पर भी अलर्ट

Kathua जिले के नगरी क्षेत्र के ऐरवां गांव में तीन से चार संदिग्धों के देखे जाने की सूचना के बाद सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। गांव की एक महिला और अन्य स्थानीय लोगों ने खेतों में संदिग्धों को देखने की जानकारी पुलिस को दी।

इसके बाद ऐरवां और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। नाकों पर चेकिंग बढ़ा दी गई है। वहीं Pathankot के बमियाल और नरोट जैमल सिंह क्षेत्रों में भी सख्त चौकसी बरती जा रही है। इंटर-स्टेट नाकों पर वाहनों की गहन जांच की जा रही है।

जम्मू सीमावर्ती क्षेत्रों में भी सतर्कता

Jammu जिले के सीमावर्ती इलाकों में भी हाई अलर्ट जारी है। मढ़ क्षेत्र में बीएसएफ और अन्य बल चप्पे-चप्पे पर नजर रखे हुए हैं। हाल के दिनों में नियंत्रण रेखा (एलओसी) से ड्रोन के जरिए घुसपैठ की कोशिशों की आशंका भी जताई गई है।

आतंकी मददगारों के नेटवर्क पर शिकंजा

किश्तवाड़ के छात्रू क्षेत्र में Jaish-e-Mohammed के आतंकी कमांडर सैफुल्लाह और उसके साथियों के मारे जाने के बाद अब सुरक्षाबलों का फोकस उनके मददगारों पर है। 22 फरवरी को सुरक्षाबलों ने कमांडर सैफुल्लाह समेत तीन आतंकियों को ढेर किया था।

23 फरवरी को पुलिस महानिरीक्षक B.S. Tuti ने स्पष्ट कहा था कि आतंकी मददगारों की पहचान की जा रही है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। आधा दर्जन से अधिक संदिग्धों की पहचान की गई है, जिनमें कुछ सरकारी तंत्र से जुड़े लोगों के शामिल होने की भी आशंका है।

पुलिस और सुरक्षाबलों ने आतंकियों के रसद तंत्र को ध्वस्त करने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। जांच में यह सामने आया है कि इन मददगारों ने आतंकियों को भोजन, आश्रय, संचार और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई थी, जिससे वे दुर्गम पहाड़ियों में लंबे समय तक सक्रिय रह सके।

सुरक्षा एजेंसियों ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या सुरक्षाबलों को दें।

@MUSKAN KUMARI

NCRLOCALDESK
Author: NCRLOCALDESK

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