पटना: बिहार की नीतीश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बुधवार को 91,717.11 करोड़ रुपये का दूसरा सप्लीमेंट्री बजट पेश किया, जो अब तक का सबसे बड़ा है। इससे पहले सरकार 21 जुलाई 2025 को 57,946 करोड़ रुपये का पहला सप्लीमेंट्री बजट ला चुकी है।
दोनों को मिलाकर यह राशि 1,49,663 करोड़ रुपये हो जाती है—जो मुख्य बजट (3,16,895 करोड़ रुपये) का 47% है।
योजना मद में 87% अतिरिक्त खर्च
मुख्य बजट में सरकार ने योजना मद के लिए 1.16 लाख करोड़ का प्रावधान किया था, लेकिन दोनों सप्लीमेंट्री बजट में ही योजना मद पर 87,412 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च पास कराया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति बताती है कि या तो सरकार ने खर्च का सही अनुमान नहीं लगाया, या चुनावी घोषणाओं ने बजट का संतुलन बिगाड़ दिया।
चुनावी वादों से बढ़ा वित्तीय दबाव
चुनाव से पहले सरकार ने कई लोक-कल्याणकारी घोषणाएं कीं, जिनका सीधा असर बजट पर पड़ा। इनमें प्रमुख हैं—
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना
125 यूनिट मुफ्त बिजली
रसोइया व आंगनवाड़ी सेविकाओं के मानदेय में वृद्धि
वृद्धजन पेंशन योजना में बढ़ोतरी
सबसे बड़ा व्यय: महिला रोजगार योजना
दूसरे सप्लीमेंट्री बजट में सबसे अधिक राशि 21,000 करोड़ रुपये महिला रोजगार योजना के लिए रखी गई है।
इसके अलावा—
वृद्धजन पेंशन योजना – 18,885.65 करोड़
रूरल क्रेडिट कार्ड योजना – 800 करोड़
सड़कों के निर्माण – 861 करोड़
1.5 करोड़ महिलाओं को मिल चुका है पहला किस्त
29 अगस्त को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिला रोजगार योजना की घोषणा की थी। 18–60 वर्ष की महिलाओं को 2 लाख रुपये तक के लिए सहायता देने की बात कही गई।
पहली किस्त के रूप में 10,000 रुपये का भुगतान किया जाना था। सितंबर से अब तक 6 किस्तों में 1.5 करोड़ महिलाओं को राशि जारी की जा चुकी है।
@Tanya Singh
Author: BiharlocalDesk
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