गौतमबुद्ध नगर में पर्यावरण व वृक्षारोपण की समीक्षा, सभी पौधों की शत-प्रतिशत जियो टैगिंग के निर्देश

गौतमबुद्ध नगर में सोमवार को पर्यावरण संरक्षण, गंगा स्वच्छता और वृक्षारोपण से जुड़े कार्यों की समीक्षा को लेकर जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी की अध्यक्षता में जिला पर्यावरण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला वृक्षारोपण समिति की संयुक्त बैठक हुई।

बैठक में प्रभागीय वन अधिकारी रजनीकांत मित्तल ने वृक्षारोपण वर्ष 2025-26 के अंतर्गत किए गए पौधरोपण, उनकी जियो टैगिंग और पौधों की जीवितता से संबंधित प्रगति की जानकारी दी। समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 में रोपित सभी पौधों की शत-प्रतिशत जियो टैगिंग शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिन विभागों ने यह कार्य अब तक पूरा नहीं किया है, उन्हें तत्काल कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जियो टैगिंग, सत्यापन और पौधों की जीवितता सुनिश्चित किए बिना वृक्षारोपण अभियान को सफल नहीं माना जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पौधों का संरक्षण, सिंचाई और अनुरक्षण सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

वृक्षारोपण वर्ष 2026-27 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी विभागों को भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही सत्यापन कार्य को समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से पूरा करने तथा जनप्रतिनिधियों के निरीक्षण के लिए प्रत्येक विभाग द्वारा पांच स्थलों का अनिवार्य रूप से चयन करने को कहा।

पर्यावरण समिति की समीक्षा के दौरान बिना ढके निर्माण सामग्री के परिवहन, ओवरलोडिंग और कूड़ा जलाने की घटनाओं पर सख्त रुख अपनाया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश देते हुए प्राधिकरण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को एनजीटी एवं शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने को कहा। उन्होंने वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने और प्रत्येक ग्राम पंचायत में हर माह के तृतीय शुक्रवार को ग्राम चौपाल के साथ ग्रीन चौपाल आयोजित करने के निर्देश भी दिए।

जिला गंगा समिति की समीक्षा में नदियों की स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए गंगा और उसकी सहायक नदियों में गिरने वाली अनटैप्ड ड्रेनों के अंतरिम उपचार के लिए एनजीटी मानकों के अनुरूप फाइटोरेमेडिएशन तकनीक अपनाने के निर्देश दिए गए। यमुना और हिंडन नदी के बाढ़ क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण हटाने, डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण रोकने और ठोस अपशिष्ट निस्तारण से संबंधित कार्यों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश सिंचाई विभाग को दिए गए।

बैठक में जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश, उपयुक्त उद्योग अनिल कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार, उप कृषि निदेशक राजीव कुमार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी रंजीत सिंह, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार त्यागी सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

@MUSKAN KUMARI

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Author: NCRLOCALDESK

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