2030 तक तंबाकू सेवन घटाने, हाई ब्लड प्रेशर नियंत्रण और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाने का लक्ष्य
दुनिया भर के नेताओं ने गैर-संचारी रोगों और मानसिक स्वास्थ्य की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए एक ऐतिहासिक वैश्विक घोषणा को अपनाया है। इस घोषणा को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और संयुक्त राष्ट्र महासभा की उच्चस्तरीय बैठक में मंज़ूरी दी गई। इसका उद्देश्य डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, कैंसर, सांस से जुड़ी बीमारियाँ, मुंह का स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य जैसी समस्याओं पर एक साथ प्रभावी कार्रवाई करना है।
WHO के अनुसार, गैर-संचारी रोग हर साल करोड़ों लोगों की जान ले रहे हैं, जबकि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएँ एक अरब से अधिक लोगों को प्रभावित कर रही हैं। ये बीमारियाँ केवल स्वास्थ्य संकट नहीं हैं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए भी बड़ी चुनौती बन चुकी हैं। इसी वजह से इन पर नियंत्रण अब वैश्विक प्राथमिकता बन गया है।
नई घोषणा के तहत 2030 तक तीन प्रमुख लक्ष्य तय किए गए हैं। इनमें 150 मिलियन लोगों में तंबाकू सेवन कम करना, 150 मिलियन लोगों में उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करना और 150 मिलियन लोगों को मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुँच उपलब्ध कराना शामिल है। इसके साथ ही सस्ती और प्रभावी दवाइयों, मजबूत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और बेहतर स्वास्थ्य निगरानी प्रणालियों पर भी ज़ोर दिया गया है।
यह पहली बार है जब मानसिक स्वास्थ्य और गैर-संचारी रोगों को एक साझा और व्यापक रणनीति के तहत शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि देश इस घोषणा को गंभीरता से लागू करते हैं, तो इससे लाखों जानें बचाई जा सकती हैं और भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपटा जा सकेगा।
कुल मिलाकर, यह घोषणा वैश्विक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ मानी जा रही है, जो स्वास्थ्य के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास को भी मजबूत करने में सहायक होगी।
@MUSKAN KUMARI







