नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस परेड 2026 में कर्तव्य पथ पर भारतीय सैन्य बलों ने शक्ति, शौर्य और संकल्प का भव्य प्रदर्शन किया। इस वर्ष की परेड विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण को समर्पित रही, जहां नेतृत्व की अग्रिम पंक्ति में महिलाएं नज़र आईं। सीआरपीएफ की पुरुष मार्चिंग टुकड़ी का नेतृत्व एक महिला अधिकारी ने किया, वहीं भारतीय नौसेना की झांकी ने नारी शक्ति, समान अवसर और स्वदेशी रक्षा क्षमता का सशक्त संदेश दिया।
भारतीय नौसेना की झांकी में आईएनएस विक्रांत को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया, जो आत्मनिर्भर भारत की समुद्री ताकत का प्रतीक है। इस झांकी का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए ने किया, जिन्होंने नारी शक्ति की मिसाल पेश की। नेवल टेबल्यू के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया कि आज की भारतीय नौसेना में महिलाएं केवल भागीदारी नहीं, बल्कि नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं।
लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के के अनुसार, गणतंत्र दिवस परेड 2026 का नेवल टेबल्यू तीन बड़े संदेश देता है—
महिला सशक्तिकरण, जहां महिलाएं निर्णायक भूमिकाओं में हैं;
समान अवसर, जहां पुरुष और महिला अधिकारियों के लिए एक जैसे मानक हैं;
और स्वदेशीकरण, जहां भारत में निर्मित युद्धपोत देश की रक्षा शक्ति को मजबूत कर रहे हैं।
केरल के कोझिकोड की रहने वाली लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के भारतीय नौसेना की उन जांबाज़ महिला अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। वर्ष 2014 में लॉजिस्टिक्स ब्रांच में कमीशन प्राप्त करने वाली दिलना के ने नविका सागर परिक्रमा जैसे ऐतिहासिक ‘ऑल-वीमेन’ समुद्री अभियान में भाग लेकर इतिहास रचा। इस अभियान का उल्लेख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में भी किया था।
दिलना के का कहना है कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा है। गणतंत्र दिवस परेड 2026 में उनका नेतृत्व इस बात का प्रतीक बना कि भारतीय रक्षा बलों में नेतृत्व का आधार लिंग नहीं, बल्कि योग्यता और समर्पण है।
@MUSKAN KUMARI







