पूर्णिया (एशियन टाइम्स ब्यूरो):
पूर्णिया जिले के कसबा प्रखंड के सुमन नगर गांव में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। नदी किनारे बने गहरे गड्ढे में डूबकर एक ही गांव के पाँच लोगों की मौत हो गई। एक ही दिन में पाँच अर्थियां उठने से गांव में मातम पसर गया। गांव के करीब दस किलोमीटर दूर मिल्कीगंज पुल स्थित श्मशान घाट पर सभी का अंतिम संस्कार किया गया।
मृतकों में संजीव कुमार की पत्नी पुष्पा देवी (40), उनकी साली सुल्ताना देवी (30), भाई मनोज कुमार (35), भतीजा शिवम कुमार (14) और रिश्तेदार शुभम कुमार (16) शामिल हैं। सभी मजदूरी व खेती-किसानी से जुड़े थे।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, गांव के लोग नदी किनारे मजदूरी कर रहे थे। इसी दौरान मिट्टी कटाव रोकने के लिए खुदाई में बने गहरे गड्ढे में एक बच्चा फिसलकर गिर गया। उसे बचाने के प्रयास में एक-एक कर पाँच लोग गड्ढे में समा गए और बाहर नहीं निकल पाए। ग्रामीणों और गोताखोरों की मदद से घंटों की मशक्कत के बाद शव बाहर निकाले गए।
गम में डूबा गांव
एक साथ पाँच शवों के घर पहुंचने पर पूरे गांव में कोहराम मच गया। हर घर से रोने-बिलखने की आवाजें गूंज उठीं। परिजनों का कहना है कि यह हादसा ठेकेदार और प्रशासन की लापरवाही का परिणाम है। ग्रामीणों का आरोप है कि नदी निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के उचित इंतजाम नहीं किए गए, जिससे इतना बड़ा हादसा हुआ।
प्रशासन अलर्ट, मुआवजा घोषित
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुँचा। डीएसपी और बीडीओ ने हालात का जायजा लिया। बिहार सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
मातम का साया
सुमन नगर गांव में आज हर कोई गमगीन है। एक ही घर से एक साथ कई चिताएं उठीं, तो लोग यह सवाल पूछने लगे—यह कासी कोसी का श्राप है या फिर ठेकेदार और प्रशासन की लापरवाही?

Author: Bihar Desk
मुख्य संपादक (Editor in Chief)