वॉशिंगटन/तेहरान:
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर एक और अल्टीमेटम जारी किया है। इस बीच अमेरिकी मीडिया ‘Axios’ की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय मध्यस्थों के बीच संभावित 45-दिवसीय युद्धविराम को लेकर बातचीत जारी है, जिससे संघर्ष को स्थायी रूप से समाप्त करने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि कूटनीतिक कोशिशों के बीच ईरान ने अपने रुख को और सख्त कर दिया है। Iranian Navy ने स्पष्ट किया है कि Strait of Hormuz में हुए बदलाव अब पलटे नहीं जा सकते। नौसेना के अनुसार खासतौर पर अमेरिका और इज़राइल जैसे देशों के लिए स्थिति पहले जैसी नहीं होगी।
ईरानी सरकारी मीडिया ‘Press TV’ के मुताबिक, हालिया घटनाक्रमों ने क्षेत्र में एक “नई वास्तविकता” स्थापित कर दी है, जिसके तहत बाहरी शक्तियां अब ईरान के समुद्री क्षेत्र में अपनी शर्तें नहीं थोप सकेंगी।
फारस की खाड़ी में नई सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी
रिपोर्ट के अनुसार Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) की नौसेना ने संकेत दिए हैं कि फारस की खाड़ी में एक नई स्वदेशी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की तैयारी चल रही है। इस योजना का उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा को तटीय देशों के हाथों में देना और बाहरी शक्तियों की भूमिका को सीमित करना है।
सैन्य तैयारियों में तेजी
ईरान ने अपनी नौसैनिक तैनाती बढ़ाने, उन्नत निगरानी प्रणाली विकसित करने और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमताओं को मजबूत करने की बात कही है। इन कदमों का मकसद क्षेत्रीय जल की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति के सुचारू प्रवाह को बनाए रखना बताया गया है।
यह बयान उस समय आया है जब ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान Strait of Hormuz को बंद रखने की कोशिश करता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
इराकी समूह की धमकी से बढ़ी चिंता
तनाव को और बढ़ाते हुए ईरान समर्थित इराकी संगठन Kataib Hezbollah ने भी चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य को जबरन खोलने की कोशिश की गई, तो ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।
रणनीतिक महत्व बरकरार
गौरतलब है कि दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक Strait of Hormuz पर ईरान का नियंत्रण बना हुआ है। तेहरान ने संकेत दिया है कि यह मार्ग उन जहाजों के लिए खुला रहेगा, जो अमेरिका, इज़राइल और उनके सहयोगियों से जुड़े नहीं हैं।
@MUSKAN KUMARI







