पटना की खानकाहों में की इबादत, पहली बार गांधी मैदान नहीं पहुंचे; बेटे निशांत की मौजूदगी बनी चर्चा का विषय
ईद-उल-फितर के पावन अवसर पर नीतीश कुमार ने शनिवार को पटना की विभिन्न खानकाहों में जाकर अमन, भाईचारे और खुशहाली का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने मुस्लिम समाज को ईद की मुबारकबाद दी और राज्य में सुख-शांति एवं समृद्धि की दुआ मांगी।
मुख्यमंत्री सबसे पहले खानकाह मुजीबिया, फुलवारी शरीफ पहुंचे, जहां उन्होंने सज्जादा नशीं हजरत सैयद शाह आयतुल्ला कादरी से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे खानकाह मुनएमिया गए, जहां हजरत सैयद शाह शमीमुद्दीन अहमद मुनअमी के साथ राज्य की तरक्की और अमन-चैन की दुआ की।
इसके अलावा मुख्यमंत्री खानकाह बारगाहे इश्क भी पहुंचे और वहां के सज्जादा नशीं सैयद शाह ख्वाजा आमिर शाहिद समेत अन्य लोगों को ईद की बधाई दी। इस दौरान उन्होंने सेवई और सूखे मेवे का स्वाद भी लिया और लोगों से मुलाकात कर त्योहार की खुशियां साझा कीं।
गांधी मैदान नहीं पहुंचे, निशांत बने चर्चा का केंद्र
दिलचस्प बात यह रही कि वर्ष 2005 से लगातार ईद के मौके पर गांधी मैदान पहुंचने वाले मुख्यमंत्री इस बार नमाज में शामिल नहीं हुए। उनकी जगह उनके पुत्र निशांत कुमार गांधी मैदान पहुंचे, जो सुरक्षा घेरे में नजर आए।
करीब दो दशकों में पहली बार मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी और बेटे की उपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। इसे कई लोग ‘नई राजनीतिक शुरुआत’ के संकेत के रूप में भी देख रहे हैं।
नेताओं और अधिकारियों की रही मौजूदगी
मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, विधायक श्याम रजक, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी समेत कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
@MUSKAN KUMARI






