इस्राइल संसद में पीएम मोदी का ऐतिहासिक संबोधन, आतंकवाद पर सख्त संदेश — टेक, रक्षा और संस्कृति में सहयोग होगा और गहरा

नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नेसेट को संबोधित करते हुए हमास के हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि भारत हर परिस्थिति में इस्राइल के साथ खड़ा है। वह नेसेट को संबोधित करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते हजारों साल पुराने हैं और लगातार मजबूत हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने इस्राइल में आयोजित टेक इनोवेशन एग्जीबिशन का भी दौरा किया, जहां उनके साथ इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मौजूद रहे। पीएम मोदी ने एआई, स्वास्थ्य और कृषि से जुड़े नवाचारों की जानकारी ली और टेक उद्यमियों को भारत में निवेश का न्योता दिया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री को इस्राइली संसद का सर्वोच्च सम्मान ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ मिलने पर बधाई देते हुए इसे दोनों देशों के गहरे विश्वास और रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक बताया।

दौरे के दूसरे दिन पीएम मोदी होलोकॉस्ट स्मारक याद वाशेम जाएंगे, जहां श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस दौरान कई अहम द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।

इस्राइल के भारत में राजदूत रूवेन अजार ने कहा कि दोनों देश अब उन्नत और संवेदनशील तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग को नई ऊंचाई देने जा रहे हैं और हालिया समझौते इसके क्रियान्वयन का ठोस आधार बनेंगे।

दौरे के दौरान सांस्कृतिक संबंध भी चर्चा में रहे। नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइल को बॉलीवुड बेहद पसंद है और भारत-इस्राइल दोस्ती पर फिल्म बने तो वह सुपरहिट होगी। 2018 के भारत दौरे में उन्होंने ‘शालोम बॉलीवुड’ कार्यक्रम में अमिताभ बच्चन और इम्तियाज अली समेत कई फिल्म हस्तियों से मुलाकात की थी।

भारत-इस्राइल फिल्म सह-निर्माण समझौते से दोनों देशों के रचनात्मक, तकनीकी और वित्तीय संसाधनों का साझा उपयोग हो रहा है, जिससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान और रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।

@MUSKAN KUMARI

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Author: NCRLOCALDESK

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