मिशन चंद्रयान और गगनयान के लिए उपकरण तैयार कर चुकी इंदौर की आईटीएल इंडस्ट्रीज लिमिटेड को एक बार फिर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के महत्वपूर्ण मिशन से जोड़ा गया है। विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर ने कंपनी को आगामी अंतरिक्ष मिशन के लिए रॉकेट लॉन्चिंग पैड की प्लेट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इससे पहले कंपनी जून 2024 में ऐसे ही 200 प्लेट विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर को उपलब्ध करा चुकी है, जिनका उपयोग गगनयान मिशन के लॉन्च पैड में किया गया था।
कंपनी को अब अगले मिशन के लिए इस माह के अंत तक दो-दो टन वजनी दो एल्युमिनियम एलॉय रिंग प्राप्त होंगी। इन रिंग्स से कंपनी आगामी चार महीनों में कुल 400 एल्युमिनियम प्लेट तैयार करेगी। ये प्लेट रॉकेट लॉन्चिंग के दौरान अत्यधिक ताप और दबाव सहन करने में सक्षम होंगी, जिससे मिशन की सुरक्षा और सफलता सुनिश्चित की जा सकेगी।
उल्लेखनीय है कि पहले भारत को ऐसे विशेष मटेरियल और पार्ट्स के लिए कनाडा और फ्रांस जैसे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन केंद्र सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत देश की चुनिंदा कंपनियों को चिन्हित कर उन्हें आधुनिक मशीनरी और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया गया।
इसी का परिणाम है कि अब इंदौर सहित देश के अन्य शहरों की कंपनियां अंतरिक्ष अभियानों के लिए जरूरी उपकरण स्वदेश में ही तैयार कर रही हैं। विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर के सुझाव पर आईटीएल इंडस्ट्रीज ने इंदौर में विशेष मेटल कटिंग मशीन विकसित की, जिससे गगनयान मिशन के लिए एल्युमिनियम स्लाइस तैयार की गईं। यह उपलब्धि भारत को अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
@MUSKAN KUMARI







