दक्षिणी दिल्ली के आया नगर में डेरी संचालक रतन लाल लोहिया की 69 गोलियां मारकर की गई नृशंस हत्या के मामले में क्राइम ब्रांच को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल दो शूटरों कमल और नरेंद्र को द्वारका इलाके में हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी पिछले तीन महीनों से फरार चल रहे थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रतन लाल लोहिया की हत्या आपसी रंजिश का नतीजा थी। आरोप है कि विरोधियों ने उन्हें रास्ते से हटाने के लिए कुख्यात हिमांशु भाऊ गिरोह को सुपारी दी थी। इसी साजिश के तहत दिनदहाड़े रतन लाल पर ताबड़तोड़ 69 गोलियां चलाई गईं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। इस वारदात से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड में कमल, नरेंद्र और अनुज शामिल थे। फिलहाल अनुज की गिरफ्तारी बाकी है। हत्या के बाद से ही दिल्ली पुलिस और क्राइम ब्रांच की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र के बावजूद आरोपी पुलिस को लगातार चकमा दे रहे थे।
आखिरकार पुख्ता सूचना के आधार पर द्वारका में जाल बिछाया गया। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों शूटरों के पैरों में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में हत्या की साजिश और सुपारी देने वालों को लेकर अहम खुलासे होंगे।
@MUSKAN KUMARI







