फतेहपुर सीकरी में प्रशासन ने मूंदी आंखें, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की खुलेआम अवहेलना

फतेहपुर सीकरी (आगरा) | उत्तर प्रदेश

विश्व धरोहर फतेहपुर सीकरी में सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेशों को दरकिनार कर अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी है, लेकिन स्थानीय प्रशासन और पुलिस की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। हैरानी की बात यह है कि यह अवैध निर्माण थाना परिसर की दीवार से सटे क्षेत्र में, केनरा बैंक के ऊपर, कुछ ही दिनों में दो मंजिला इमारत के रूप में खड़ा कर दिया गया।

थाने के पास बना अवैध निर्माण, फिर भी कार्रवाई शून्य

सूत्रों के अनुसार, जिस थाना क्षेत्र में यह अवैध निर्माण हुआ, उसी थाने में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बावजूद निर्माण कार्य न केवल नहीं रुका, बल्कि कुछ ही दिनों में इमारत दो मंजिला बन गई।

यह स्थिति प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है—
क्या थाने के पास हो रहा अवैध निर्माण प्रशासन को दिखाई नहीं दिया?
या फिर किसी दबाव या मजबूरी में कार्रवाई से जानबूझकर आंखें मूंद ली गईं?

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की सीधी अवहेलना

गौरतलब है कि फतेहपुर सीकरी संरक्षित पुरातत्व स्थल है, जहां किसी भी प्रकार का नया निर्माण या विस्तार सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और ASI के दिशा-निर्देशों के खिलाफ है। इसके बावजूद थाना परिसर से सटी दीवार के पास अवैध निर्माण का खड़ा हो जाना, पूरे सिस्टम की निष्क्रियता को उजागर करता है।

ASI ने 7 दिसंबर को दी थी लिखित सूचना

भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा 7 दिसंबर को संबंधित थाने को लिखित सूचना दी गई थी, जिसमें अवैध निर्माण को तत्काल रोकने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
सूचना मिलने के बाद थाना स्तर पर एफआईआर तो दर्ज की गई, लेकिन ज़मीनी स्तर पर निर्माण रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया

FIR के बाद भी चलता रहा निर्माण

स्थानीय लोगों का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी निर्माण कार्य दिन-रात चलता रहा। न तो निर्माण सामग्री जब्त की गई और न ही काम रुकवाने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया। इससे साफ जाहिर होता है कि कानून का डर या तो खत्म हो चुका है या फिर किसी प्रभावशाली संरक्षण में यह निर्माण कराया गया।

क्या यूपी में खाकी का खौफ खत्म हो चुका है?

इस पूरे मामले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—
क्या उत्तर प्रदेश में अब खाकी का खौफ खत्म हो चुका है?
या फिर फतेहपुर सीकरी जैसे संवेदनशील और संरक्षित क्षेत्र में भी नियमों को तोड़ने की खुली छूट दे दी गई है?

जवाबदेही तय होना जरूरी

फतेहपुर सीकरी जैसे ऐतिहासिक धरोहर स्थल पर अवैध निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि देश की विरासत के साथ खिलवाड़ भी है। अब देखना यह होगा कि उच्च अधिकारी इस मामले में संज्ञान लेते हैं या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

BiharlocalDesk
Author: BiharlocalDesk

ASAIN TIMES NEWS NETWORK

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