समस्तीपुर गुनहगार प्रेमकांड हत्या मामला: टीचर कुमुद का चौंकाने वाला खुलासा, पुलिस की लापरवाही भी आई सामने

समस्तीपुर (एशियन टाइम्स ब्यूरो):
समस्तीपुर गुड़िया हत्याकांड ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है। आरोपी टीचर कुमुद लगातार सोशल मीडिया पर स्टोरी और वीडियो के जरिए अपने इरादे व घटनाक्रम साझा करता रहा, लेकिन समय रहते पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।

आरोपी की स्टोरी और धमकियां

कुमुद ने अपनी एक स्टोरी में लिखा था—
“अगर मैंने सब कुछ खो दिया है और कसम खाई है, तो मैं किसी भी कीमत पर काम पूरा करूंगा। 2019 के बाद से मुझे अपनी जिंदगी में कोई दिलचस्पी नहीं है। जब मैं सार्वजनिक मंच पर कुछ कहूंगा तो वह जरूर होगा।”
उसने आगे लिखा—
“बदला लेने का मज़ा तब आता है जब इंसान के पास न खोने के लिए कुछ बचा हो और न ही जीने के लिए।”

इतना ही नहीं, एक अन्य पोस्ट में कुमुद ने साफ किया कि इस घटना के लिए पुलिस जिम्मेदार नहीं होगी। उसने परिवार पर ही पूरा दोष मढ़ते हुए कहा कि लड़की का परिवार सबकुछ देखकर भी चुप था।

20 मई की वारदात का खुलासा

कुमुद ने लिखा—
“20 मई को उसके रूम में घुसा, लेकिन वह भाग निकली। ठीक एक दिन पहले 19 मई को मैंने अपने परिवार के लिए एक इमोशनल स्टोरी लगाई थी ताकि घटना के बाद उन्हें सब पता चल सके।”

उसने आगे कहा—
“मुझे समझ पाना मुश्किल है। मेरा प्लान बड़ा करने का था। आप समय का इंतजार करिए, सही वक्त आएगा। मैंने उसके परिवार को हर तरह से मैसेज पहुंचा दिया है। अगर इतनी तैयारी के बावजूद कोई जान गंवाएगा, तो यह स्टोरी साक्षी होगी।”

वीडियो में पूरी ‘लव स्टोरी’

 

करीब 2 मिनट 55 सेकेंड के एक वीडियो में कुमुद ने अपनी पूरी कहानी बताई। उसने खुलासा किया कि 2023 में जिस स्कूल में वह पढ़ाता था, वहीं लड़की ने बतौर साइंस टीचर ज्वाइन किया था। महज 2-3 दिन बाद ही लड़की ने कुमुद को प्रपोज किया।
कुमुद के मुताबिक, शुरू में उसने मना किया लेकिन बाद में एक्सेप्ट कर लिया। फरवरी 2025 तक सबकुछ ठीक चला, लेकिन बाद में रिश्ते में दरार आ गई।

यह वीडियो कुमुद ने 26 अप्रैल को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया था।

पुलिस की नाकामी

हत्या के 5 दिन बाद भी पुलिस आरोपी कुमुद को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पुलिस के अनुसार, कुमुद ने जिस पते को अपना एड्रेस बताया था, वह फर्जी निकला।

उधर, घटना से पहले पीड़िता के परिवार ने कुमुद की धमकियों को लेकर शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस लापरवाही के चलते तत्कालीन थाना अध्यक्ष छोटेलाल को निलंबित कर दिया गया है।

समाज के लिए बड़ा सवाल

यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर खुलेआम हिंसा की योजना और पुलिस-प्रशासन की लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण है। कुमुद बार-बार लिखता रहा, धमकी देता रहा, लेकिन किसी ने गंभीरता से नहीं लिया।

Bihar Desk
Author: Bihar Desk

मुख्य संपादक (Editor in Chief)

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