पटना/बक्सर (एशियन टाइम्स ब्यूरो):
भारतमाला परियोजना के तहत बक्सर जिले में सड़क निर्माण के लिए किसानों की जमीन ली जा रही है। किसानों ने आरोप लगाया है कि सरकार 2014 की दर से मुआवजा दे रही है, जबकि उनकी मांग 2025 के मौजूदा बाजार मूल्य पर मुआवजा देने की है। इसी को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और विरोध-प्रदर्शन तेज हो गया है।
किसानों की मांगें और नाराज़गी
किसान मोर्चा ने सरकार पर जबरन जमीन अधिग्रहण का आरोप लगाया।
किसानों का कहना है कि उन्हें उनका “हक” और “सही मुआवजा” मिलना चाहिए।
अधिग्रहण के लिए पुरानी दरें लागू करने को किसानों ने अन्याय बताया।
किसानों ने चेतावनी दी है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक समाधान नहीं निकलेगा।
भारतमाला परियोजना क्या है?
भारतमाला परियोजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत वाराणसी से रांची होते हुए कोलकाता तक हाई क्वालिटी रोड बनाई जा रही है। सरकार का दावा है कि इस परियोजना से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
पटना में किसान मोर्चा के नेतृत्व में किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
बुद्धा पार्क से मुख्यमंत्री आवास तक मार्च निकालने की कोशिश हुई।
पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर किसानों को रोका।
गुस्साए किसानों ने बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास भी किया।बक्सर के किसान जमीन अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। उनका साफ कहना है कि वे पुरानी दरों पर जमीन नहीं देंगे। जब तक मौजूदा बाजार दर पर मुआवजा तय नहीं किया जाएगा, आंदोलन जारी रहेगा।

Author: Bihar Desk
मुख्य संपादक (Editor in Chief)