बड़ा खुलासा: पंजाब से बंगाल तक फैला जासूसी नेटवर्क, 15 बैंक खातों से फंडिंग का राज खुला

Asian Times   | Ghaziabad Desk

गाजियाबाद के कौशांबी क्षेत्र से सामने आए जासूसी नेटवर्क मामले ने देश की सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह नेटवर्क केवल एक शहर तक सीमित नहीं था, बल्कि इसकी जड़ें पंजाब से लेकर पश्चिम बंगाल तक फैली हुई थीं

15 बैंक खातों से चला पूरा खेल

जांच एजेंसियों के अनुसार:

इस नेटवर्क में 15 बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया

पिछले 2 वर्षों में करीब ₹10 लाख से अधिक का लेन-देन हुआ

ये खाते अलग-अलग राज्यों में खोले गए थे

 पुलिस अब इन खातों के जरिए पैसे भेजने वालों और असली मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।


 फोटो-वीडियो भेजकर मिलते थे पैसे

जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि:

आरोपी रेलवे स्टेशन, सेना क्षेत्र और संवेदनशील स्थानों की फोटो/वीडियो बनाते थे

ये डेटा विदेशी हैंडलर्स (पाकिस्तान लिंक संदिग्ध) को भेजा जाता था

इसके बदले ₹5000 तक प्रति काम भुगतान मिलता था

 कई मामलों में लोकेशन और GPS डेटा भी शेयर किया गया, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।

सोशल मीडिया से होती थी भर्ती

युवाओं को WhatsApp और सोशल मीडिया के जरिए जोड़ा गया

उन्हें छोटे काम और आसान पैसे का लालच दिया गया

धीरे-धीरे उन्हें जासूसी गतिविधियों में शामिल किया गया

 रिपोर्ट के अनुसार, यह नेटवर्क नेटवर्क मार्केटिंग की तरह फैलाया गया ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ सकें।

 देशभर में फैला नेटवर्क

जांच में यह भी सामने आया कि:

दिल्ली-NCR, मुंबई और अन्य शहरों में भी एक्टिविटी

करीब 50 संवेदनशील लोकेशन को टारगेट किया गया

कई राज्यों में गिरफ्तारी और छापेमारी जारी

अब तक इस मामले में 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है


 सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

खुफिया एजेंसियों का मानना है कि:

यह केवल जासूसी नहीं, बल्कि बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है

ISI जैसे विदेशी एजेंसियों की भूमिका की जांच जारी

  • बैंक ट्रांजैक्शन, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की गहन जांच हो रही है

 (Asian Union Press Analysis / AsianTimes)

यह मामला सिर्फ एक क्राइम नहीं बल्कि नई तरह का “डिजिटल जासूसी मॉडल” है, जिसमें:

बेरोजगार युवाओं को टारगेट किया जा रहा है सोशल मीडिया को हथियार बनाया जा रहा है और छोटे पैसों के लालच में देश की सुरक्षा से समझौता कराया जा रहा है

सरकार और एजेंसियों के लिए यह चेतावनी है कि
साइबर + फिजिकल जासूसी अब एक साथ चल रही है।

Noida Desk
Author: Noida Desk

मुख्य संपादक (Editor in Chief)

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