पटना से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) से जुड़े बहुचर्चित विवाद में लोकपाल के समक्ष सुनवाई का एक चरण पूरा हो गया है। पूर्व सचिव संजय कुमार मंटू ने प्रेस को दिए अपने बयान में दावा किया है कि इस सुनवाई में तथाकथित “तिवारी युग” के अंत की शुरुआत हो चुकी है।
संजय कुमार मंटू का आरोप है कि वर्तमान और पूर्व बीसीए प्रबंधन से जुड़े कुछ लोगों द्वारा संस्था की राशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया। उन्होंने दावा किया कि बीसीए द्वारा कानूनी पैनल में महंगे और चर्चित वकीलों को शामिल किया गया, जिससे लगभग 3 करोड़ रुपये तक की धनराशि मुकदमेबाजी में खर्च कर दी गई।
उन्होंने यह भी कहा कि अंततः वरिष्ठ अधिवक्ता नाडकर्णी द्वारा बहस रखी गई, लेकिन उनके अनुसार, “ईमानदार न्यायाधीशों को प्रभावित करना किसी के वश में नहीं है।”
27 दिसंबर को अगली सुनवाई
लोकपाल के समक्ष इस केस की अगली सुनवाई 27 दिसंबर 2025 को निर्धारित की गई है। इस बीच, संजय मंटू ने यह भी आरोप लगाया कि केस से जुड़े कुछ लोगों पर समझौते का दबाव, धमकी और प्रलोभन दिए जा सकते हैं।
मोतिहारी केस को लेकर गंभीर आरोप
पूर्व सचिव ने एक और गंभीर दावा करते हुए कहा कि मोतिहारी से जुड़े एक मामले को मैनेज करने के लिए 10 लाख रुपये दिए गए, जिसमें से 3 लाख रुपये शादी के नाम पर एक व्यक्ति को दिए जाने का आरोप लगाया गया है, जबकि शेष राशि अन्य लोगों में बांटने की भी बात कही गई है।
हालांकि, इन सभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है, और संबंधित पक्षों की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
“एकजुट रहिए, जीत तय है” – संजय मंटू
अपने संदेश में संजय कुमार मंटू ने सभी जिला संघ पदाधिकारियों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि यह लड़ाई अब अपने “अंतिम चरण” में है और उन्होंने दावा किया कि न्याय की जीत तय है।
कानूनी स्थिति स्पष्ट
Asian Times यह स्पष्ट करता है कि:
यह सभी बातें पूर्व सचिव के व्यक्तिगत आरोप और दावे हैं
मामले की अंतिम सच्चाई न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगी
बीसीए या आरोपित पक्ष की प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी उसी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा
Author: Noida Desk
मुख्य संपादक (Editor in Chief)







