फुलवारी शरीफ (पटना)।
इमारत-ए-शरिया की अहम बजट बैठक फुलवारी शरीफ स्थित अल-माहदुल आली हॉल में आयोजित की गई, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए करीब 14 करोड़ रुपये का बजट सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए बड़ा निर्णय लिया गया कि आने वाले समय में प्रत्येक जिले में CBSE पैटर्न पर आधुनिक स्कूल तथा अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस अस्पताल स्थापित किए जाएंगे।


शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
बैठक में स्पष्ट किया गया कि संस्था का लक्ष्य समाज के कमजोर और मध्यम वर्ग को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। प्रस्तावित स्कूलों में आधुनिक लैब, डिजिटल क्लासरूम और कैरियर गाइडेंस की सुविधा होगी। वहीं अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर, इमरजेंसी सेवाएं और मातृ-शिशु स्वास्थ्य इकाई स्थापित करने की योजना है।
विभागीय रिपोर्ट पेश
बैठक के दौरान संस्था के विभिन्न विभागों की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की
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सदर काजी शरीअत मौलाना अंजार आलम कासमी ने दारुल कजा की रिपोर्ट रखी।
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मौलाना मुफ्ती अकील अख्तर कासमी ने दारुल इफ्ता की गतिविधियों की जानकारी दी।
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मौलाना मुफ्ती मोहम्मद सुहराब नदवी ने तबलीग व संगठन की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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मौलाना मुफ्ती मोहम्मद सना उल हुदा कासमी ने शिक्षा विभाग की उपलब्धियां गिनाईं।
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दारुल उलूम इस्लामिया की रिपोर्ट मुफ्ती वसी अहमद कासमी ने पेश की।
इसके अलावा इमारत पब्लिक स्कूल, मौलाना सज्जाद अस्पताल, गर्ल्स कंप्यूटर इंस्टीट्यूट और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट भी साझा की गई। बैतुल माल की आय-व्यय और भावी योजनाओं की जानकारी इरफानुल हसन ने दी।
अमीर-ए-शरीअत का संबोधन
बैठक की अध्यक्षता अमीर-ए-शरीअत मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इमारत-ए-शरिया सिर्फ एक धार्मिक संस्था नहीं, बल्कि सामाजिक उत्थान का मिशन है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश कर समाज को सशक्त बनाना समय की जरूरत है।
उन्होंने यह भी कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ योजनाओं को जमीन पर उतारा जाएगा, ताकि हर जिले में संस्था की उपस्थिति मजबूत हो और लोगों को सीधा लाभ मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना समयबद्ध तरीके से लागू होती है तो बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। ग्रामीण और अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में इसका खास असर पड़ेगा।
(रिपोर्ट: विशेष संवाददाता)
📍 फुलवारी शरीफ, पटना
🗓️ 12 फरवरी 2026
Author: Noida Desk
मुख्य संपादक (Editor in Chief)






