रूस ने सोलेडार पर कर लिया कब्जा! यूक्रेन को याद आया प्रथम विश्वयुद्ध; कहा-अति विकट स्थिति

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रूस-यूक्रेन युद्ध में सबसे बड़ा अपडेट सामने आ रहा है। रूसी सेना ने जबरदस्त पलटवार करते हुए यूक्रेन के सोलेडार शहर पर कब्जा कर लेने का दावा किया है।

इससे यूक्रेन समेत अमेरिका तक में खलबली मच गई है। रूसी सेना सोलेडार पर कब्जा करने के बाद तेजी से यूक्रेन के दूसरे शहरों की ओर कूच कर रही है। रूसी सैनिकों ने सोलेडार से यूक्रेनी सेना को पीछे धकेल दिया है। रूस के इस भीषण अटैक के बाद अमेरिकी थिंक टैंक ने कहा है कि सोलेडारर पर कब्जे से रूस को बहुत कुछ हासिल होने वाला नहीं है। वहीं यूक्रेनी सेना रूस के इस दावे को खारिज कर रही है। जबकि क्रेमलिन इसे सबसे बड़ी जीत के तौर पर देख रहा है।

रूस के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि उसकी सेना ने नमक-खनन वाले अहम शहर सोलेडार पर कब्जा कर लिया है। बता दें कि यह शहर रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से संघर्ष का बड़ा केंद्र बिंदु बना हुआ था। अब रूस ने इसे फतह कर लेने का दावा किया है। रूस के मंत्रालय ने कहा कि रूस और यूक्रेन की सेनाओं के बीच खूनी संघर्ष के केंद्र सोलेडार को कब्जे में ले लिया गया है। पूर्वी यूक्रेन के दोनेत्स्क प्रांत में स्थित इस शहर को कब्जा करने के रूस के दावे की यूक्रेनी अधिकारियों की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है। यूक्रेन ने रूस के दावे को खारिज किया है, लेकिन उसने यहां अति विकट स्थित होने और भीषण संघर्ष जारी होने की बात कही है।

क्रेमलिन के लिए दुर्लभ जीत का प्रतीक बनेगा सोलेडार
रूसी सेना द्वारा यूक्रेन के सोलेडार पर कब्जा कर लिया जाना क्रेमलिन के लिए दुर्लभ जीत का प्रतीक होगा। क्योंकि रणनीतिक रूप से यह शहर यूक्रेन के लिए बेहद महत्वपूर्ण था और यूक्रेनी सेना यहां रूस से लंबे समय से भीषण युद्ध कर रही थी। सोलेडार का पतन होना यूक्रेन के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि कीव के अधिकारियों का कहना है कि सोलेडार में लड़ाई चल रही है और इस बात से इनकार करते हैं कि रूसियों ने शहर पर कब्जा जमा लिया है।

सोलेडार की लड़ाई वर्दुन से कम नहीं
यूक्रेन ने कहा है कि सोलेडार की लड़ाई प्रथम विश्व युद्ध के “वर्दुन” की लड़ाई से कम नहीं है। यूक्रेन का सोलेडार ’21 वीं सदी के लिए “वर्दुन”‘ है। यूक्रेन के शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि “वर्दुन” को जीतना रूस के लिए इतना आसान नहीं है। यूक्रेन फिलहाल रूस के इस दावे को खारिज कर दिया है, लेकिन रूसी सेना ने सोलेडार का वीडियो भी जारी किया है, जहां रूसी सैनिकों का कब्जा देखा जा रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति के कार्यालय के प्रमुख एंड्री यरमक ने बखमुत और सोलेडार की स्थिति को “21 वीं सदी में वर्दुन की लड़ाई” के रूप में वर्णित किया है। आपको बता दें कि “वर्दुन” की लड़ाई प्रथम विश्व युद्ध की सबसे लंबी लड़ाई थी और इसमें भारी जनहानि हुई थी।

यूक्रेन ने कहा स्थिति बहुत विकट
यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्याल के प्रमुख यरमक ने कहा कि सोलेडार में स्थिति बहुत ही विकट और अति विकट है। यह 21वीं सदी में “वर्दुन”की लड़ाई है। यहां दोनों सेनाओं के बीच भीषण संघर्ष चल रहा है। लाशों पर लाशें बिछ रही हैं। यक्रेन ने कहा कि यह लड़ाई कई महीनों से चल रही है, लेकिन हमारे लड़ाके अपनी पोज़ीशन पर काबिज हैं। रूसी अपराधियों को जेलों से रिहा करते हैं जो अग्रिम पंक्ति में पहुंचते ही मर जाते हैं। उनके शरीर को रूस ने उसी जगह में छोड़ दिया गया है, उन्हें हटाया भी नहीं गया है। यूक्रेन ने कहा कि हमारे मुकाबले रूसी पक्ष में कई मानवीय नुकसान हैं। हम स्पष्ट रूप से अपने सैनिकों के जीवन को अधिक महत्व देते हैं।

यूक्रेन ने कहा कि हमारे ऊपर हो रहा हमला और सिर्फ हमला
यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय का दावा है कि हमारे सामने एक मानव जन है जो लगातार हमला कर रहा है, हमला कर रहा है और हमला कर रहा है। उन्होंने 3 बार हमला और सिर्फ हमला की बात कही। यूक्रेन ने कहा कि सोलेडार सड़क की लड़ाई का एक स्थान है, जहां किसी एक पक्ष का शहर पर नियंत्रण नहीं होता है। रूसी वहा हैं, लेकिन वे शहर को नियंत्रित नहीं कर पाए हैं। स्थिति जटिल है, लेकिन हमारा लक्ष्य अपने क्षेत्रों को मुक्त करना है, यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता को पूरी तरह से बहाल करना है।

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