अफगानिस्तान और ताजिकिस्तान में शक्तिशाली भूकंप, 6.8 मापी गई तीव्रता, चीन के शिनजियांग प्रांत पर भी असर

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ताजिकिस्तान में शक्तिशाली भूकंप आया है। यह भूकंप कितना शक्तिशाली है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.8 आंकी गई है। भूकंप का केंद्र ताजिकिस्तान के मुर्घोब के 67 किलोमीटर पश्चिम में था।

यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार यह भूकंप बेहद शक्तिशाली था। ताजिकिस्तान और चीन के सुदूर पश्चिमी सीमा पर शिनजियांग प्रांत के करीब गुरुवार सुबह भूकंप से धरती कांप उठी। यह भूकंप का केंद्र 20 किलोमीटर गहराई में था। जानकारी के अनुसार यह क्षेत्र काफी ज्यादा आबादी वाला नहीं है।

अफगानिस्तान में भूकंप गुरुवार सुबह 6.07 मिनट पर आया। भूकंप का केंद्र फैजाबाद से 265 किलोमीटर दूर स्थित है। USGS के अनुसार ताजिकिस्तान में सुबह 6.07 बजे 6.8 तीव्रता का भूकंप आया। चीन से लगी सीमा के पास भूकंप का असर देखने को मिला है। उधर, चीनी भूकंप नेटवर्क सेंटर ने कहा कि भूकंप की तीव्रता 7.2 थी और इसकी गहराई जमीन के 10 किलोमीटर नीचे थी। हालांकि विभिन्न भूकंप एजेंसियों द्वारा शुरुआती भूकंपीय माप अक्सर ​अलग होती है। भूकंप के बारे में अभी इससे ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई है। हालांकि भूकंप काफी शक्तिशाली है, आशंका है कि बड़े स्तर पर जान माल का नुकसान हो सकता है।

तुर्की में भी आए भूकंप के झटके

तुर्की के एंटिऑक में गुरुवार स्थानीय समयानुसार सुबह 04.42 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 4.2 रही। इससे पहले इसी महीने भूकंप ने तुर्की और सीरिया में भूकंप ने तबाही मचाई। तुर्की और सीरिया में 6 फरवरी को 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था। दोनों देशों में अब तक 46 हजार से ज्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं। अकेले तुर्की में भूकंप से 2 लाख से ज्यादा अपार्टमेंट तबाह हो गए थे। भूकंप में भारत की ओर से तुर्की में मदद के लिए एनडीआरएफ, चिकित्सकों का दल, दवाएं और राहत सामग्री भेजी गई थी। जिसने वहां सजगता से काम किया और पूरी दुनिया में अपने काम से प्रशंसा पाई।

जानिए भूकंप की कितनी तीव्रता में कितना होता है नुकसान?

  • 0 से 1.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही पता चलता है।
  • 2 से 2.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर हल्का कंपन होता है।
  • 3 से 3.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर जाए, ऐसा असर होता है।
  • 4 से 4.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर खिड़कियां टूट सकती हैं। दीवारों पर टंगी फ्रेम गिर सकती हैं।
  • 5 से 5.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर फर्नीचर हिल सकता है।
  • 6 से 6.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर इमारतों की नींव दरक सकती है। ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है।
  • 7 से 7.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर इमारतें गिर जाती हैं। जमीन के अंदर पाइप फट जाते हैं।
  • 8 से 8.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर इमारतों सहित बड़े पुल भी गिर जाते हैं।
  • 9 और उससे ज्यादा रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर पूरी तबाही। कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे धरती लहराते हुए दिखेगी। समंदर नजदीक हो तो सुनामी। भूकंप में रिक्टर पैमाने का हर स्केल पिछले स्केल के मुकाबले 10 गुना ज्यादा ताकतवर होता है।

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