राजस्थान में यहां पर मिले 6.37 करोड़, 400 लोगों ने मिलकर 6 दिन में गिने रुपए

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चित्तौड़गढ़। व्यापार बढ़ाने और अधिक मुनाफा कमाने के लिए व्यापारियों के बीच अक्सर पार्टनरशिप होती है। नफा और नुकसान के लिए वे दोनों ही जिम्मेदार होते हैं, मगर यहां तो खुद भगवान को पार्टनर बनाया जाता है और व्यापार में फायदा होने पर निश्चित धन राशि भगवान तक पहुंचाई भी जाती है। इस बात का उदाहरण है राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के मण्डफिया स्थित कृष्ण मंदिर है, जो सांवलिया सेठ के नाम से प्रसिद्ध है।

अमावस्या के मौके पर खुलता है सांवलिया सेठ का दानपात्र

चित्तौड़गढ़ में कई दशक पुराने सांवलिया जी मंदिर का जिक्र आज इसलिए कर रहे हैं कि हाल ही मंदिर का दानपात्र खोला गया। उसमें अब तक की रिकॉर्ड धनराशि मिली है।

सीसीटीवी की निगरानी में गिनती

श्री सांवलिया मंदिर चित्तौड़गढ़ मंदिर हर माह अमावस्या के एक दिन पूर्व दानपात्र खोला जाता है। हर माह औसतन 3 से 3.5 करोड़ का चढ़ावा आता है। रुपयों की गिनती सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होती है। दानपात्र से निकले रुपयों की गणना के नजारे को देखने के लिए श्रृद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।

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