फरीदाबाद: अमृता अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर का 24 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे उद्घाटन

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फरीदाबाद, 22 अगस्त। ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-88 में बनकर तैयार देश का सबसे बड़ा 2400 बेड का अमृता अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर का 24 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उदघाटन करेंगे। करीब 133 एकड़ में बनकर तैयार इस अत्याधुनिक अस्पताल में मरीजों को विश्वस्तरीय मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह अस्पताल निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा अस्प्ताल है। इसमें गरीबों का भी इलाज उचित रेट में ट्रस्ट के माध्यम से किया जाएगा।

यहां 64 विश्वस्तरीय ऑपरेशन थियेटर बनाए गए हैं। यहां 81 गंभीर बीमारियों के स्पेशलिस्ट डॉक्टर मरीजों का इलाज करेंगे। अस्पताल में रोबोट से भी ऑपरेशन की सुविधा होगी। 25 अगस्त से अस्पताल प्रथम चरण में चलना शुरू हो जाएगा। इसके लिए तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। अस्पताल के रेजीडेंट मेडिकल डायरेक्टर डॉ. संतोष के सिंह ने बताया कि 534 क्रिटिकल केयर यूनिट बेड वाला यह देश का पहला अस्पताल है। इसके अलावा एडवांस टेक्नोलॉजी से युक्त नौ कैथ लैब भी बनाई गई हैं।इसके अलावा एडवांस काउंसलिंग सेंटर, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, सेटेलाइट नर्सिंग सेंटर, दस बंकर बनाए गए हैं।पूरा एक ब्लॉक मदर एंड चाइल्ड केयर के लिए रिजर्व है। पूरे अस्पताल की मॉनिटरिंग डिजिटल तरीके से होगी।इस अस्पताल में दुनिया की आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।

रेजीडेंट डायरेक्टर डॉ. सिंह ने बताया कि हम कोच्चि में डबल हैंड और अपर आर्म ट्रांसप्लांट का करिश्मा कर चुके हैं। इस तरह की ट्रांसप्लांट सुविधा फरीदाबाद में भी उपलब्ध होगी। इसके अलावा लीवर, किडनी, श्वास नली, वोकल कॉर्ड, आंत, हृदय, फेफड़े, अग्नाशय, त्वचा, हड्डी, चेहरे और अस्थि मज्जा का प्रत्यारोपण भी यहां किया जाएगा। उन्होंने बताया मरीजों के त्वरित परिवहन सेवा के लिए अस्पताल परिसर में ही एक हेलीपैड भी बनाया गया है। इसके अलावा 498 कमरों वाला एक गेस्ट हाउस भी है जहां मरीजों के अटेंडेंट रह सकते हैं। 25 अगस्त से 500 बिस्तरों से शुरू होने के साथ यह अस्पताल अलग-अलग चरणों में चालू होगा। दो वर्ष में यह संख्या बढ़कर 750 और पांच वर्ष में 1000 बिस्तरों की हो जाएगी। पूरी तरह चालू होने पर अस्पताल में 800 डॉक्टर सहित कुल 10 हजार लोगों का स्टाफ होगा। प्रेसवार्ता में अस्पताल के इंचार्ज स्वामी निजामृतानंद पुरी व स्थानीय विधायक राजेश नागर भी मौजूद थे।

डॉ. सिंह ने बताया कि माता अमृतानंदमयी देवी का फोकस यहां मेडिकल एजुकेशन और रिसर्च पर है। इसलिए अमृता अस्पताल के रिसर्च सेंटर में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले मेडिकल छात्रों, (ग्रेजुएट व पीजी) को 240 घंटे का वैल्यू बेस्ड शिक्षा देने की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने बताया अस्पताल के रिसर्च सेंटर में प्रत्येक गंभीर बीमारियों पर रिसर्च भी किया जाएगा। अमृता अस्पताल में अनुसंधान के लिए सात मंजिला एक भवन बनाया गया है। इसमें विशिष्ट ग्रेड ए से लेकर डी तक जीएमपी लैब होगी।जहां नवीनतम डायग्नोस्टिक मार्कर, एएल, एमएल बायोइनफॉर्मेटिक्स आदि पर फोकस किया जाएगा। उन्होंने कहा हम चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में दुनिया के कुछ सबसे बड़े हॉस्पिटल और यूनिवर्सिटी के साथ शोध में सहयोग को लेकर भी चर्चा कर रहे हैं।

डॉ. संतोष सिंह ने बताया कि अमृता अस्पताल पूरी तरह से पेपरलेस होगा अर्थात डॉक्टरों को देखने से लेकर टेस्ट रिपोर्ट तक सब कुछ ऑनलाइन होगा। सैंपल लेकर मरीज को इधर उधर भागना नहीं पड़ेगा। सैंपल देने के बाद ऑटोमेटिक तरीके से लैब में पहुंच जाएगा। वहां से रिपोर्ट तैयार होकर संबंधित डॉक्टर के पास पहुंच जाएगी।

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