पेशाब की सबसे दर्दनाक बीमारी UTI में मिलती हैं ये 11 चेतावनी, ये 6 चीजें खाने से मिलेगा आराम

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खराब खान-पान, कम पानी पीना, पेशाब को देर तक रोकना और बिगड़ती जीवनशैली की वजह से यूटीआई यानी मूत्र पथ में संक्रमण एक आम समस्या बन गई है। अब सिर्फ महिलाएं ही नहीं, बल्कि पुरुष भी इसका तेजी से शिकार हो रहे हैं। यह मूत्र प्रणाली के किसी भी हिस्से में होने वाला संक्रमण है, जो आपके गुर्दे, मूत्रवाहिनी, मूत्राशय और मूत्रमार्ग को प्रभावित करता है। यह समस्या अधिकतर निचले मूत्र पथ-मूत्राशय और मूत्रमार्ग में ज्यादा होती है।

हेल्थ वेबसाइट वेबमडी के अनुसार, यूटीआई के लक्षणों में पेशाब करते समय दर्द या जलन होना, आपके निचले पेट में दर्द, मूत्राशय के ऊपर (आपकी प्यूबिक बोन के ऊपर) दर्द होना, जल्दी या देरी से पेशाब आना, थोड़ा-थोड़ा पेशाब आना, कमर के निचले हिस्से में दर्द होना, गाढ़ा, धुंधला पेशाब, पेशाब में खून आना और यौन संबंध बनाते समय दर्द महसूस होना इसके आम लक्षण हैं।

डॉक्टर आमतौर पर एंटीबायोटिक दवाओं के साथ मूत्र पथ के संक्रमण का इलाज करते हैं। लेकिन आप यूटीआई होने की संभावनाओं को कम करने के लिए कुछ कदम उठा सकते हैं। कुछ एक्सपर्ट मानते हैं कि नियमित रूप से दही और अनार के रस के सेवन से इस समस्या से बचा जा सकता है और लक्षणों को कम किया जा सकता है। चलिए जानते हैं कैसे-

दरअसल मूत्र जननांग क्षेत्र में बैक्टीरिया के विकास होने पर यूटीआई की समस्या होती है। इसलिए इस हिस्से से बैक्टीरिया को ख़त्म करना बहुत ज़रूरी होता है। दही एक नेचुरल प्रोबायोटिक है। इसके तत्व नेचुरल एंटीबायोटिक होते हैं। इसमें मौजूद लैक्टोबैसिलस और गुड बैक्टीरिया यूटीआई के लिए जिम्मेदार हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करने में मदद करते हैं।

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