पार्टी के फैसले से नाराज 400 शिवसैनिकों ने थामा भाजपा का दामन

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महाराष्ट्र में शिवसेना ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाई है। इस गठबंधन को महा विकास अघाड़ी (एमवीए) का नाम दिया गया है। पार्टी के फैसले से नाराज लगभग 400 शिवसैनिकों ने बुधवार को भाजपा का दामन थाम लिया। इन सभी ने धारावी के एक कार्यक्रम में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
शिवसेना के विशेष कार्यकारी अधिकारी रहे रमेश नादेसन ने कहा, ‘हमारी पार्टी के चार सौ समर्थक भाजपा में शामिल हो गए क्योंकि उन्हें तब धोखे जैसा महसूस हुआ जब पार्टी ने गैर-हिंदू पार्टियों के साथ हाथ मिलाया।’ एक विशेष कार्यकारी अधिकारी पार्टी में नई भर्तियां करता है।
उन्होंने सरकार बनाने के लिए एमवीए में शामिल होने पर शिवसेना की आलोचना करते हुए कहा कि वह पार्टी के साथ इसलिए थे क्योंकि उसने हिंदुत्व के एजेंडे को उच्च प्राथमिकता दी हुई थी। केवल 400 पार्टी कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि शिवसेना में कई अन्य लोग भी इस फैसले से दुखी हैं।

नादेसन ने कहा, ‘कोई भी समर्थक की भावनाओं और जज्बातों को नहीं समझता है जो बिना किसी चीज के बदले असल में पार्टी के लिए काम करता है। पिछले सात सालों से हम कांग्रेस और एनसीपी समर्थकों के खिलाफ लड़ रहे हैं। चुनाव के दौरान कार्यकर्ता हर दरवाजे पर जाकर वोट मांगते हैं। हम कैसे वापस जाकर उन्हीं लोगों का सामना कर सकते हैं जिनके खिलाफ हमने एक ईमानदार सरकार बनाने के लिए वोट मांगा था?’

भाजपा में शामिल होने वाले शिवसेना के दूसरे कार्यकर्ता ने कहा, ‘हम शिवसेना अध्यक्ष के कांग्रेस और एनसीपी के साथ हाथ मिलाने के फैसले से खुश नहीं हैं। हम पार्टी इसलिए छोड़ रहे हैं क्योंकि पार्टी ने हिंदुत्व के अपने मुख्य एजेंडे को छोड़ दिया है।

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