दिल्ली में कोवैक्सीन का एक दिन का ही स्टॉक बचा है: सत्येंद्र जैन

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नयी दिल्ली, 10 मई स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने सोमवार को कहा कि दिल्ली में ‘कोवैक्सीन’ का स्टॉक केवल एक दिन का बचा है जबकि कोविशील्ड का स्टॉक तीन से चार दिन चलेगा।

इससे एक दिन पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र से आग्रह किया था कि वह टीका निर्माताओं को मई से जुलाई के बीच राष्ट्रीय राजधानी को टीके की आपूर्ति बढ़ाने का निर्देश दें।

मध्य दिल्ली में गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब में गुरु तेग बहादुर कोविड केयर केंद्र में तैयारियों का जायज़ा लेने के बाद जैन ने पत्रकारों से कहा, ‘ कोवैक्सीन की खुराकें सिर्फ एक दिन चलेंगी जबकि कोविशील्ड की खुराकें तीन-चार दिन चल सकती हैं।’

रविवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली को 18-44 वर्ष के श्रेणी में कोरोना वायरस रोधी टीके की 5.5 लाख खुराकें मिली हैं जबकि 45 वर्ष से अधिक और स्वास्थ्य देखभाल तथा अग्रिम पंक्ति के कर्मियों के लिए 43 लाख से अधिक खुराकें मिली हैं।

राष्ट्रीय राजधानी में अब तक करीब 39 लाख खुराकें लगाई जा चुकी हैं।

रविवार की शाम तक, दिल्ली में दिल्ली में 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए और स्वास्थ्य देखभाल तथा अग्रिम पंक्ति के कर्मियों के लिए कोरोना वायरस टीके की 4.65 लाख खुराकें उपलब्ध थीं जबकि 2.74 लाख खुराकें 18-44 वर्ष की श्रेणी के लिए थीं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पिछले पखवाड़े में संक्रमण दर और नए मामलों में कमी आना ‘आशा की किरण’ है।

जैन ने कहा, ‘ (दैनिक) मामलों की संख्या करीब 28,000 से 13,000 पर आ गई है। संक्रमण दर उच्चतर 36 प्रतिशत से करीब 20 फीसदी पर आ गई है। ‘

उन्होंने कहा कि ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं है और सबसे आग्रह किया कि वे सतर्क रहें।

जैन ने कहा कि 400 बिस्तरों के गुरु तेग बहादुर कोविड केयर केंद्र को दिल्ली सरकार के लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल से संबद्ध किया गया है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (डीएसजीएमसी) ने केंद्र के लिए अवसंरचना उपलब्ध कराई है और दिल्ली सरकार ने चिकित्सा सहयोग दिया है।

डीएसजीएमसी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि कोविड केयर केंद्र का प्रबंधन एलएनजेपी अस्पताल के 50 डॉक्टर करेंगे। उनकी मदद 150 नर्सों और वार्ड बॉय की टीम करेगी।

सिरसा ने कहा कि सभी बिस्तरों पर ऑक्सीजन सांद्रक हैं और केंद्र के पास 150 डी प्रकार के सिलेंडरों का बैकअप है।

उन्होंने कहा कि जिन मरीजों को प्रति मिनट 20 लीटर ऑक्सीजन की जरूरत होती है, उनका यहां इलाज किया जा सकता है।

सिरसा ने कहा कि यहां इलाज और भोजन पूरी तरह से नि:शुल्क है।

यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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