दिल्ली के 2.6 लाख लोग घर बैठे कर सकेंगे वोटिंग

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नई दिल्ली,। फरवरी 2020 में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में दिल्ली के दिव्यांग व 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग अब घर बैठकर मतदान कर सकेंगे। चुनाव आयोग इन्हें बैलेट पेपर मुहैया कराएगा। चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में फिलहाल ऐसे मतदाताओं की संख्या 2.26 लाख है। जो चुनाव तक और बढ़ने की संभावना है। दिल्ली में यह पहली बार होने जा रहा है। दिल्ली से पहले झारखंड में चुनाव होने हैं, वहां के कुछ हिस्से में भी इसे शामिल किया गया है।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह ने शुक्रवार को बताया कि चुनाव नियम, 1961 में संशोधन के बाद इन दो श्रेणी के मतदाताओं को यह सुविधा दी जा रही है। इसके लिए इन मतदाताओं को आयोग की पीडब्ल्यूडी एप या मतदान केंद्र में जाकर पहले खुद को इसके लिए नामांकित करवाना होगा। चुनाव की तारीख की घोषणा के पांच दिन के भीतर उन्हें 12डी फॉर्म भरकर देना होगा।

बीएलओ अपनी विधानसभा में घर-घर जाकर यह फॉर्म वितरित करेंगे। फिर जो फॉर्म भरकर लौटाएगा उसे बैलेट पेपर मुहैया कराया जाएगा। इसके बाद भी अगर वह मतदाता केंद्र तक जाना चाहें तो वहां जाना उनकी मर्जी पर निर्भर होगा उस पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

सत्यापन के दौरान अपने पते पर नहीं मिले 13 लाख मतदाता

मतदाताओं के सत्यापन अभियान में कुल 91.16 फीसद मतदाताओं का सत्यापन किया गया है। 9.21 फीसद यानी कुल 13,34,313 लाख मतदाता अपने बताए पते पर नहीं मिले। इसमें कुछ का निधन हो गया है और कुछ पुराने पते से स्थांतरित हो चुके हैं। अब बीएलओ इस पर नजर रखेंगे और उनका दोबारा सत्यापन करेंगे। विधानसभा चुनावों में कुल 13750 पोलिंग बूथ और 2689 पोलिंग लोकेशन हैं। विगत लोकसभा चुनावों में 13819 पोलिंग बूथ थे। छोटे पोलिंग बुथ को आपस में मिला दिया गया है जिससे इस बार 69 बूथ कम हो गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सभी पार्टियों के राज्य, जिला, विधानसभा व बूथ स्तर पर प्रतिनिधि नियुक्त होते हैं, जो इस मसले पर आयोग के साथ समन्वय रखते हैं। अब पता बदलने पर नाम हटवाने के लिए मतदाता को ही फॉर्म भरकर देना होगा।

डीएससी मॉडयूल

चुनाव आयोग अधिकारियों के मुताबिक मतदाता सूची में दो जगह नाम होने पर शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई होगी। आयोग के पास एक डीएससी मॉडयूल है, जिसमें एक व्यक्ति का नाम अगर एक मतदाता सूची से अधिक जगह है, तो उसकी लिस्ट ऑटोमैटिक बन जाती है। इसके बाद जिन राज्यों की मतदाता सूची में उसका नाम है, वहां के अधिकारियों के पास चली जाती है। इसके बाद जरूरी कार्रवाई की जाती है।

इसे पहले आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से मतदाता सूची का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। साथ ही शुक्रवार से 16 दिसंबर तक एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। यदि दिल्ली का कोई भी नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाना, हटवाना चाहे या फिर अपनी किसी जानकारी में कोई बदलाव कराना चाहे तो इस एक माह में कराकर लोकतंत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकता है।

बता दें कि शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) डा. रणबीर सिंह ने बताया कि मतदाता सूची का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन सीईओ कार्यालय की वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट सीईओ डॉट जीओवी डॉट इन के साथ ही सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइट पर डाल दिया गया है। सभी मतदाता केंद्रों पर भी यह सूची उपलब्ध है। जिन लोगों के नाम इस सूची में नहीं है, वह 16 दिसंबर तक अपना नाम शामिल करा सकते हैं।

इस बीच 23 और 24 नवंबर को दिल्ली के विभिन्न पोलिंग स्टेशनों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। 28 व 29 नवंबर को विभिन्न स्कूलों व कॉलेजों में भी इसके लिए कैंप लगाए जाएंगे। एक जनवरी तक जो युवा 18 साल के हो जाएंगे, वे अपना नाम सूची में जुड़वा सकेंगे। 7 दिसंबर को शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक बेघरों के लिए डूसिब शेल्टर व अन्य जगहों पर शिविर लगाए जाएंगे। 26 दिसंबर को सभी आपत्तियों व दावों का निपटारा किया जाएगा। 6 जनवरी को फाइनल मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

डा. रणबीर सिंह ने बताया कि अगर नाम जुड़वाना है तो फॉर्म छह, किसी के इंतकाल के बाद उसका नाम हटवाना है, तो फॉर्म सात, नाम ठीक कराना है तो फॉर्म आठ और यदि मकान शिफ्ट करने की स्थिति में कोई बदलाव कराना है तो फॉर्म आठ ए भराना होगा। यह प्रक्रिया ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरह से हो सकती है। इसके अलावा 7738299899 नंबर पर भी एसएमएस भेजकर मतदाता सूची में अपने नाम या अन्य कोई जानकारी ली जा सकती है। इसके लिए ईपीआइसी लिखने के बाद स्पेस छोड़कर वोटर आइडी नंबर लिखें और इस नंबर पर भेजने पर कुछ ही देर में वापस मैसेज आ जाएगा।

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