टेस्ट क्रिकेट के वो 5 रिकॉर्ड जो शायद कभी भी नहीं टूट पायेंगे

487

क्रिकेट के खेल की शुरुआत जब हुई थी तब सबसे पहले सिर्फ एक ही फॉर्मेट खेला जाता था और वो था टेस्ट क्रिकेट फॉर्मेट. जिसको मौजूदा समय में ज्यादातर बल्लेबाज खेलना पसंद नहीं करते हैं. जिसके पीछे की वजह है एक टेस्ट मैच का पांच दिनों तक खेला जाना.अपनी फिटनेस को ध्यान में रखते हुए कई युवा खिलाड़ी आज के दौर में बहुत ही कम उम्र में इस फॉर्मेट से संन्यास ले रहे हैं, जिसका सबसे अच्छा उदाहरण पकिस्तान के वहाब रियाज तथा मोहम्मद आमिर हैं.

टेस्ट क्रिकेट के शुरुआती दिनों में टेस्ट मैच 6 तीनों तक खेला जाता था. लेकिन बाद में इसको पांच दिन का कर दिया गया और अब इसे चार दिन का करने पर विचार हो रहा है.

अभी भी कई क्रिकेट के दिग्गज 5 दिन के टेस्ट क्रिकेट को ही प्राथमिकता दे रहे हैं. इस टेस्ट क्रिकेट ने बहुत से लाजवाब बल्लेबाज गेंदबाज तथा कप्तान दिए हैं. अब तक टेस्ट क्रिकेट में न जाने कितने रिकॉर्ड बन चुके हैं तथा टूट भी चुके हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी रिकॉर्ड हैं जो कई वर्षों से उसी प्रकार कायम हैं. आज हम आपको टेस्ट क्रिकेट के ऐसे ही 5 अटूट रिकार्ड्स के बारे में बात करेंगे जिनका टूटना लगभग नामुमकिन है.

5) ब्रायन लारा (400*)

वेस्ट इंडीज के बाएँ हाँथ के दिग्गज बल्लेबाज ब्रायन लारा के नाम टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में मैच की एक पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है. ब्रायन ने 12 अप्रैल 2004 को इंग्लैंड के खिलाफ एंटीगुआ के मैदान पर 400 रनों का व्यक्तिगत स्कोर बनाकर रिकॉर्ड कायम किया था जो आज भी कायम है.

ब्रायन लारा ने तब ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ मैथ्यू हेडन के 380 रनों की पारी को पीछे छोड़ा था और अपने 400 रन पूरा होते ही टीम की पारी समाप्ति की घोषणा कर दी थी. ब्रायन लारा उस टेस्ट में वेस्ट इंडीज़ के कप्तान भी थे. उन्होंने टेस्ट जीतने के ख्याल से पारी समाप्ति की घोषणा की थी, लेकिन इंग्लैंड ये टेस्ट ड्रॉ कराने में कामयाब रहा था.

ब्रायन लारा ने अपनी इस पारी में 582 गेंदों का सामना किया था, जिसमें उन्होंने 43 चौके और चार छक्के लगाए थे. इस ऐतिहासिक पारी के दौरान लारा ने अपना 400वां रन सिंगल से पूरा किया था. ब्र्याँ लारा का यह रिकॉर्ड तोड़ना लगभग नामुमकिन हैं.

4) लेन हटन (847 गेंद)

इंग्लैंड के लेन हटन ने एक टेस्ट पारी में खेली गई सबसे अधिक गेंदों का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने 1938 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में 364 रन बनाए, जिसमें 847 गेंदें खेलीं. इस सूची में अधिकांश रिकॉर्ड बहुत पहले बने हैं. 1999 में, दक्षिण अफ्रीका के गैरी कर्स्टन ने 642 गेंदों में 275 रन बनाए।

बीस अगस्त 1938 में ओवेल के मैदान पर खेले गए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक टेस्ट मैच में इंग्लैंड के पूर दिग्गज बल्लेबाज लेन हटन ने एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया था. यह रिकॉर्ड था एक पारी में सबसे ज्यदा गेंदें खेलने का रिकॉर्ड, वह विश्व के पहले ऐसे बल्लेबाज बने थे जिसने टेस्ट मैच में सबसे ज्यादा बॉल खेली है. हटन ने इस मैच में 844 बॉल खेलकर यह रिकॉर्ड कायम किया था. वह 364 रन बनाकर आउट हुए पवेलियन लौटे थे.

इससे पहले सबसे ज्यादा बॉल खेलने का रिकॉर्ड इंग्लैंड के ही दिग्गज बल्लेबाजएंडी संधाम के नाम था. उन्होंने किंग्स्टन में वेस्ट इंडीज के खिलाफ 1930 में 640 बॉल खेलकर 325 रन बनाए थे. संधाम कुल 1230 मिनट तक मैदान पर डटे थे. लेन हेटनने करीब 8 साल बाद संधाम का यह रिकॉर्ड तोड़ा था, लेकिन अब इस रिकॉर्ड को तोड़ना असंभव प्रतीत होता है.

3) ब्रैंडन मैकुलम ( 54 गेंद 100 रन)

अदि भविष्य में न्यूजीलैंड के सबसे आक्रामक बल्लेबाजों का नाम लिया जायेगा तो उसमें न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ब्रैंडन मैकुलम का नाम सबसे उपर आएगा. मैकुलम टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज शतक बनाने के मामले में दुनिया के नंबर एक गेंदबाज हैं. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्राइस्टचर्च में साल 2016 में ब्रैंडन मैकुलम ने टेस्ट क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज शतक बनाया था.

ये उनके करियर की आखिरी पारी भी थी. मैकुलम ने महज 54 गेंदों में अपना शतक पूरा किया था. मैकुलम ने इस टेस्ट में 79 गेंदों पर 145 रनों की पारी खेली, जिसमें उन्होने 21 चौके और 6 छक्के जमाएं. अपने अंतिम मैच में मैकुलम टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज भी बने थे. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ब्रेंडन मैकुलम के नाम सबसे ज्यादा 107 छक्के दर्ज हैं. टेस्ट क्रिकेट में ब्रेंडन के सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड तोड़ पाना भी लगभग नामुमकिन है.

2) इरफ़ान पठान ( पहले ओवर में हैट्रिक)

29 जनवरी 2006 का वो ऐतिहासिक दिन पाकिस्तान तथा भारत की टीमें कराची टेस्ट के लिए मैदान में उतारी थी. यह सीरीज का तीसरा व निर्णायक टेस्ट था. सीरीज 1-1 से बराबर थी, टीम इंडिया के कप्तान सौरव गांगुली ने टॉस जीता और पाकिस्तान को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया. भारतीय कप्तान ने नई गेंद की जिम्मेदारी युवा इरफान पठान को सौंपी. पठान ने पहले ही ओवर में कमाल करके अपने कप्तान व फैंस का दिल जीत लिया और एषा कीर्तिमान अपने नाम दर्ज कर लिया जिसे तोड़ पाना टेढ़ी खीर माना जा रहा है.

रफान पठान ने सलमान बट्ट को पहली तीन गेंदों पर परेशान किया और चौथी गेंद आउट स्विंग हुई और यह गेंद बट्ट के बल्ले का बाहरी किनारा लेकर पहली स्लिप में मुस्तैद राहुल द्रविड़ के हाथों में चली गयी. अब अनुभवी बल्लेबाज युनूस खान मैदान पर आए पठान ने उन्हें तेज इनस्विंग गेंद डाली गेंद स्विंग होकर उनके पैड पर लगी और उम्पायर ने बिना देरी किये उंगली खडी कर दी.

अब वह पल था, जिसका सभी को इंतजार था.इस बार सामने शानदार फॉर्म में चल रहे युनिस खान थे. पठान ने एक बार फिर इनस्विंग गेंद डाली और युसूफ को भी क्लीन बोल्ड कर दिया. इसी के साथ इरफान पठान ने इतिहास रच दिया. इरफ़ान पठान पहले ही ओवर में हैट्रिक लेने वाले दुनिया के नंबर एक गेंदबाज बन गए. इरफ़ान का यह रिकॉर्ड तोड़ना भी लगभग नामुमकिन है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here