छात्रों के लिए घड़ियाली आंसू बहा रहीं हैं सोनिया गांधी – निर्मला सीतारमण

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नई दिल्ली। कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नागरिकता संशोधन कानून(सीएए) पर देश में हो रहे उत्पात के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को जिम्मेदार ठहराया तो भाजपा ने भी हमला बोला है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देर रात बयान जारी कर कहा है कि सोनिया गांधी छात्रों के लिए घड़ियालू आंसू बहा रहीं हैं.

निर्मला सीतारमण ने कहा, “सोनिया गांधी की राजनीति अवसरवादिता पर केंद्रित है. वह छात्रों के नाम पर घड़ियालू आंसू बहा रहीं हैं. याद करें इंदिरा गांधी का दौर, जब दिल्ली के केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्र तिहाड़ जेल भेजे गए थे.

उन्होंने आगे कहा, “यह विडंबना है कि सोनिया गांधी संविधान को तोड़ने की बात करतीं हैं.

क्या यह सच नहीं कि यूपीए के दौर में वह नेशनल एडवाइजरी काउंसिल(एनएसी) के नाम पर किचन कैबिनेट चलाती थीं.जिसका कोई संवैधानिक आधार नहीं था. ‘किचन कैबिनेट’ ने हिंदुओं को टारगेट करने के लिए कम्युनल वायलेंस बिल बनाया था.

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर निर्मला सीतारमण ने कहा कि सोनिया गांधी ने देश को अशांत करने और हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप जानबूझकर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर लगाया है. यह एक गैर जिम्मेदराना बयान है. अगर कांग्रेस जिम्मेदार विपक्ष होती तो वह लोगों से शांति की अपील करती न कि हिंसा को बढ़ावा देती.

निर्मला ने कहा, “कांग्रेस याद रखे कि नागरिकता संशोधन विधेयक दोनों सदनों से पास है. क्या यह सच नहीं है कि मनमोहन सिंह ने 2003 में प्रताड़ित अल्पसंख्यकों का मुद्दा उठाकर उन्हें नागरिकता देने की मांग की थी.”

देश की आत्मा को तार तार कर देगा CAA- सोनिया गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर करारा हमला किया है. सोनिया गांधी ने कहा कि देश में कभी कभी ऐसा वक्त आता है जब इस पार या उस पार का फ़ैसला लेना पड़ता है. देश को बचाना है तो संघर्ष करना होगा. नागरिकता संशोधन बिल पर सोनिया ने कहा कि ये देश की आत्मा को तार तार कर देगा. सोनिया ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए हम कोई भी कुरबानी देने को तैयार है. जनता की रक्षा करने के लिए कांग्रेस ने हमेशा लड़ाई लड़ी है. आज भी कांग्रेस पीछे हटने वाली नहीं है. हम अंतिम सांस तक संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपना कर्तव्य निभाते रहेंगे.

सोनिया ने कहा कि देश में जिसके साथ अन्याय होगा, कांग्रेस उनके साथ खड़ी रहेगी. मोदी-शाह सरकार को संविधान की परवाह नहीं है. इन लोगों को बस अपनी राजनीति की परवाह है. लोगों को लड़ाओं और राजनीति करो.

नागरिकता संशोधन कानून भारत के संविधान के खिलाफ- प्रियंका गांधी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने दिल्ली के इंडिया गेट पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के विरोध में धरना दिया था. प्रियंका गांधी इस दौरान दो घंटे तक धरने पर बैठी रहीं. इस दौरान कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उनके साथे. धरना खत्म करने के बाद प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा, ”नागरिकता संशोधन कानून भारत के संविधान के खिलाफ, यह हमारे संविधान को नष्ट करने के लिए लाया गया है.”

प्रियंका गांधी ने सवालिया लहजे में पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं, अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी और रविवार को छात्रों के खिलाफ कार्रवाई हुई, इन सब पर चुप क्यों हैं. कांग्रेस महासचिव ने कहा कि सभी को नागरिकता कानून का विरोध करना चाहिए. उन्होंने कहा कि छात्रों को आवाज उठाने का अधिकार. यह देश उनका है.

प्रियंका गांधी के धरने के दौरान उनके साथ वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल, एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद और रणदीप सिंह सुरजेवाला मौजूद रहे. सैकड़ों कार्यकर्ता भी धरने के दौरान उपस्थित रहे. इंडिया गेट पर धरने पर बैठने से पहले, प्रियंका गांधी ने कहा कि देश का माहौल ‘खराब’ हो गया है. उन्होंने कहा, ” देश का वातावरण खराब है. पुलिस (छात्रों) को पीटने के लिए विश्वविद्यालय में घुस कर पीट रही है. सरकार संविधान से छेड़छाड़ कर रही है. हम संविधान के लिए लड़ेंगे.”

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