कहाँ, किस पंचायत चुनाव की तारीखों का हुआ ऐलान

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पंचायती राज व्यवस्था में ग्राम, तालुका और जिला आते हैं। भारत में प्राचीन काल से ही पंचायती राज व्यवस्था आस्तित्व में रही हैं। आधुनिक भारत में प्रथम बार तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा राजस्थान के नागौर जिले के बगदरी गाँव में 2 अक्टूबर 1959 को पंचायती राज व्यवस्था लागू की गई।
राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की घोषणा कर दी है। ये चुनाव तीन चरणों में क्रमश: 20, 22 व 24 जनवरी को होंगे। मतदान प्रात: 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगा। उसके बाद मतदान केन्द्र पर ही मतों की गणना की जाएगी। संवेदनशील मतदान केन्द्रों पर मतगणना का काम नहीं किया जाएगा। इन मतों की गणना खण्ड मुख्यालयों पर क्रमश: 28 जनवरी, 30 जनवरी व 1 फरवरी को होगी।

सारणीकरण व निर्वाचन परिणाम की घोषणा पंच, सरपंच व जनपद सदस्य के लिये 3 व 5 फरवरी को तथा जिला पंचायत सदस्यों के लिए 6 फरवरी को होगा। पंचायत चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है, जो 25 जनवरी तक प्रभावी रहेगी।

निर्वाचन आयोग का कहना है, कि मतगणना का आचार संहिता से मतलब नहीं रहेगा और आयोग की मंशा है, कि निर्वाचन प्रक्रिया के कारण गांव के रोजगारोन्मूलक कार्य प्रभावित न हों। निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एवी. सिंह ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि इस चुनाव में 50 जिला पंचायतों के 843 व 313 जनपद पंचायतों के 6816 जनपद सदस्यों का निर्वाचन होना है। प्रदेश में कुल पंचायतों की संख्या 23,040 है जिनमें से 22 हजार 795 पंचायतों में चुनाव होंगे। प्रदेश के कुल 2 करोड़ 87 लाख मतदाताओं के लिए 62,007 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। इनमें से कुल 26,874 मतदान केन्द्र संवेदनशील हैं। निर्वाचन की प्रक्रिया की शुरूआत 26 दिसम्बर को निर्वाचन की सूचना के प्रकाशन के साथ होगी। नामांकन पत्र भरने की शुरूआत भी इसी दिन से होगी, जो 2 जनवरी तक जारी रहेगी। नामांकन पत्रों की जांच 4 जनवरी को होगी, नाम वापसी की अंतिम तिथि। 6 जनवरी है। चुनाव दलीय आधार पर नहीं किए जाएंगे। साथ ही मतदान में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन का उपयोग भी नहीं होगा। उन्होंने बताया कि 2004 के चुनाव में 76.61 प्रतिशत मतदान रहा था। उस चुनाव में 282 मतदान केन्द्रों पर पुनर्मतदान हुआ था। पिछले चुनाव में 5 जिला पंचायत सदस्यों, 133 जनपद सदस्यों, 814 सरपंचों व 2,06,557 पंचों का चुनाव निर्विरोध हुआ था। पिछले चुनाव में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 37.36 प्रतिशत था, जो इस बार बढ़कर 50 प्रतिशत कर दिया गया है।

शिक्षकों की नहीं होगी डयूटी: –
पंचायत चुनाव में शिक्षकों की डयूटी नहीं लगाई जाएगी। यह निर्देश राय निर्वाचन आयोग ने दिए हैं। मुख्य चुनाव पदाधिकारी सिंह ने कहना है कि प्रदेश में कर्मचारियों की कमी है, ऐसे में शिक्षकों की डयूटी लगाई भी जाती है, तो बहुत आवश्यक होने पर ही लगाई जाएगी। चुनाव के दौरान रोजगार गारंटी योजना के तहत स्वीकृत कार्यों पर कोई रोक नहीं होगी।

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