एडीओ पंचायत किरणपाल सिंह को एंटी करप्शन की टीम ने पांच हजार की रिश्वत लेते किया गिरफ्तार

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मेरठ। दौराला ब्लाक में तैनात एडीओ पंचायत किरणपाल सिंह को एंटी करप्शन की टीम ने पांच हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। यह रकम सफाईकर्मी की विभागीय जांच पूरी करने की एवज में ली जा रही थी। आरोपित को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

मूल रूप से ग्रेटर नोएडा के रबुपुरा थाने के आलकपुर गांव निवासी किरणपाल सिंह मेडिकल थाना क्षेत्र के जागृति विहार में रहते हैं। उनकी तैनाती दौराला ब्लॉक में सहायक विकास अधिकारी पंचायत के पद पर है। जुलाई 2020 में उनकी सेवानिवृत्ति है। आरोप है कि किरणपाल ने विकास भवन में तैनात सफाईकर्मी राजकुमार की विभागीय जांच में फाइनल रिपोर्ट लगाने की एवज में उनसे पांच हजार की रकम मांगी।

रकम नहीं देने पर जांच पूरी करने से इन्कार कर दिया। राजकुमार ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया। डीएम का आदेश लेकर टीम ने किरणपाल की धरपकड़ को जाल बिछाया।

सोमवार को किरणपाल कचहरी स्थित जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग में आए हुए थे। तभी राजकुमार ने कॉल कर उन्हें जिला पंचायत कार्यालय के सामने फोटोस्टेट की दुकान पर बुलाया, जहां पहले से सादी वर्दी में एंटी करप्शन की टीम लगी हुई थी। राजकुमार ने किरणपाल को रकम दी। तभी एंटी करप्शन की टीम ने उन्हें रंगेहाथ पकड़ लिया। उन्हें गिरफ्तार कर सिविल लाइन थाना पुलिस को सौंप दिया गया।

सस्पेंड होने पर बैठी थी राजकुमार की जांच

राजकुमार आगरा के नगला सबदल स्थित खीरा गढ़ गांव के रहने वाले हैं। वह 2008 से माछरा ब्लाक में बतौर सफाईकर्मी तैनात हैं। बीते लोकसभा चुनाव में राजकुमार की तैनाती एडीएम सिटी ने चुनाव कायार्लय में कर दी थी। डीपीआरओ ने तीन माह पहले राजकुमार को सस्पेंड कर दिया। कारण बताया गया कि उन्हें बिना जानकारी दिए वह माछरा ब्लाक से चुनाव कार्यालय कैसे चले गए। राजकुमार ने बताया कि इस मामले में प्राथमिक जांच के बाद वह बहाल हो गए। उनकी तैनाती विकास भवन में कर दी गई। अंतिम जांच रिपोर्ट एडीओ पंचायत किरणपाल को देनी थी। जांच पूरी करने के लिए किरणपाल लगातार परेशान कर रहे थे। बार-बार पांच हजार रुपये की मांग करते थे।

‘शायद पहली बार सस्पेंड हुए हो’

राजकुमार ने एंटी करप्शन टीम को बताया कि किरण पाल से जांच पूरी करने के लिए संपर्क किया। किरणपाल ने उनसे कहा कि ‘शायद पहली बार सस्पेंड हुए हो, क्या तुमको नहीं पता कि जांच कैसे पूरी होती है’।

इन्होंने कहा..

पिछले 15 दिन से किरणपाल की रेकी की जा रही थी। वह जांच पूरी करने के लिए लगातार सफाईकर्मी से पांच हजार रुपये मांग रहे थे। उनसे बरामद किए गए पांच हजार रुपये सील कर दिए हैं। गिरफ्तारी कर सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है।

-अशोक शर्मा, इंस्पेक्टर एंटी करप्शन टीम

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