पंजाब: कांग्रेस के लिए क्यों ‘सियासी बूस्टर’ साबित हो सकता है फिरोजपुर मामला, ये हैं 5 बड़े सबूत

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चंडीगढ़। पीएम मोदी के रैली रद्द होने के बाद पंजाब में सियासत सरगर्मियां बढ़ी हुई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब कांग्रेस को घेरना शुरू कर दिया है लेकिन कांग्रेस ने जिस तरह से फिरोज़पुर मामले में खुद का काउंटर किया है।

चुनाव में कांग्रेस का यह क़दम पार्टी के लिए ‘सियासी बूस्टर’ साबित हो सकता है। पंजाब कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी को उन्हीं की तर्ज़ पर जवाब दे रही है। कांग्रेस की तरफ़ से काउंटर के किए गए कुछ तथ्यों से आज हम आपको रूबरू कराने जा रहे हैं जो कि पंजाब में कांग्रेस को सियासी फ़ायदा पहुंचा सकती है। कांग्रेस ने जिस तरह से दलित कार्ड खेला है इससे भी भाजपा का सियासी समीकरण बिगड़ सकता है। आगामी चुनाव वोटो का ध्रुवीकरण हो सकता है जो कि भारतीय जनता पार्टी की मुश्किले बढ़ा सकता है।

पीएम के सुरक्षा चूक मामले में भाजपा के काउंटर के लिए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को आगे करते हुए कांग्रेस ने दलित कार्ड खेल दिया है। कांग्रेस की राष्ट्री प्रवक्ता सुप्रिया सुप्रिया श्रीनाटे ने दावा करते हुए कहा कि भाजपा को दलित सीएम बर्दाश्त नहीं है। उन्होंने कहा कि एक ग़रीब, दलित, वंचित समाज का बेटा मुख्यमंत्री बन्ना यह भाजपा को बर्दाश्त नहीं हो रहा है, भाजपा को यह बर्दाश्त करने की आदत डाल लेनी चाहिए क्योंकि कांग्रेस वंचित वर्गों के लोगों को आगे बढ़ाती रहेगी। दलित मुख्यमंत्री बनाने की बात भारतीय जनता पार्टी को गले नहीं उतर रही है,जिस तरह से चन्नी ने लोकप्रियता हासिल की वह भारतीय जनता पार्टी नहीं देख पा रही है।यही वजह है कि ग़लत आरोप लगाते हुए सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

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