BIHAR; अधिकारी ने गुरुवार को यहां बताया कि डीआईजी रैंक के एक अधिकारी को अपने जूनियर से रंगदारी वसूलने के आरोप में……….

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गृह मंत्रालय (MHA) के एक अधिकारी ने गुरुवार को यहां बताया कि डीआईजी रैंक के एक अधिकारी को अपने जूनियर से रंगदारी वसूलने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है.
इस संबंध में मंत्रालय ने बुधवार रात एक अधिसूचना जारी कर शफी-उल-हक को भ्रष्टाचार में कथित संलिप्तता का दोषी ठहराया. यह अधिसूचना राज्य की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की मंगलवार को सौंपी गई रिपोर्ट पर आधारित है.

 

जूनियर अधिकारियों से मांगता था रंगदारी
ईओडब्ल्यू की रिपोर्ट के अनुसार, शफी-उल-हक को इस साल जून से पहले मुंगेर रेंज के डीआईजी के रूप में तैनात किया गया था. मुंगेर में अपने कार्यकाल के दौरान वह पुलिस विभाग के जूनियर अधिकारियों के साथ रंगदारी में लिप्त था. उसके पास मुंगेर पुलिस के सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद उमरान नाम का एक भरोसेमंद अफसर भी था.

बुधवार की रात को गृह विभाग ने आईपीएस अधिकारी मोहम्मद शफीउल हक के निलंबन की अधिसूचना जारी कर दी है. बता दें कि शफीउल हक मुंगेर रेंज के डीआईजी भी थे. जून 2021 में मुंगेर से उन्हें बुला लिया गया था और वो पुलिस मुख्यालय में पदस्थापन की प्रतीक्षा में थे. अब शफीउल हक को सस्पेंड कर दिया गया है.

आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने अधिकारी के खिलाफ अपनी जांच रिपोर्ट पेश की थी. जिसमें उनके खिलाफ गृह विभाग को साक्ष्य भी दिये गये थे.इसी रिपोर्ट के आधार पर आईपीएस अधिकारी शफीउल हक, उनके सहायक दारोगा मोहम्मद उमरान और एक निजी व्यक्ति गृह विभाग के रडार पर थे. आरोप था कि इन दोनों के माध्यम से ही शफीउल हक मुंगेर प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले कई पुलिस अधिकारियों और कर्मियों से अवैध राशि की उगाही किया करते थे

ईओडब्ल्यू की रिपोर्ट के अनुसार, शफी-उल-हक को इस साल जून से पहले मुंगेर रेंज के डीआईजी के रूप में तैनात किया गया था. मुंगेर में अपने कार्यकाल के दौरान वह पुलिस विभाग के जूनियर अधिकारियों के साथ रंगदारी में लिप्त था.

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