जिंदगी को गुनगुना कर देखिए, छंद में इसको सजाकर देखिए

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पटना.,

प्रसिद्ध कवि और समालोचक डॉ शिव नारायण का हीरक जन्मोत्सव के अवसर पर सांस्कृतिक साहित्यिक संस्था नवगीतिका लोक रसधार के तत्वावधान में परिचर्चा सह काव्य गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिस में उपस्थित शहर के प्रसिद्ध साहित्यकारों ने हिंदी कविता और आलोचना के क्षेत्र में डॉ शिव नारायण के योगदान की भूरी-भूरी प्रशंसा की। वरिष्ठ लेखिका और शिक्षाविद ममता मेहरोत्रा ने कहा कि सरस्वती पुत्र डॉ शिव नारायण साहित्य के सच्चे उपासक हैं। नई धारा पत्रिका के माध्यम से उन्होंने अनेक युवा साहित्यकारों को मंच प्रदान किया और उन्हें राष्ट्रीय फलक पर स्थापित होने में मदद की।

काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता डॉ शिवनारायण ने की। गोष्ठी में रूबी भूषण, डॉक्टर पीएस दयाल यति, वरिष्ठ साहित्यकार भगवती प्रसाद द्विवेदी, विनोद सम्राट संगीता मिश्र,डॉ आशा कुमारी, सुनील कुमार सिन्हा, निविड़ शिवपुत्र, पूनम सिन्हा श्रेयसी एवं चितरंजन भारती ने शिव नारायण जी की कविताओं एवं ग़ज़लों का पाठ किया।
काव्य गोष्ठी के बाद बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने कवि शिव नारायण द्वारा लिखित गजलों- जिंदगी को गुनगुना कर देखिए, छंद में इसको सजाकर देखिए, तथा आज नहीं कल सुनना मुझको चाहे जो भी गुनना मुझको, सुख से जब संवाद करोगे दुख का क्या अनुवाद करोगे, वह जो दिल के हमारे असर में रहे एक दुनिया हमारी नजर में रहे गाकर सुनाया। गायिका नीतू कुमारी नवगीत के साथ ढोलक पर भोला कुमार, हारमोनियम पर राकेश कुमार और पिंटू कुमार ने पैड पर संगत किया।

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